उलेमाओं ने किया नशा मुक्ति का आह्वान


बेदारी ए मिल्लत कॉन्फ्रेंस, (शैक्षिक जागरूकता व नशा विरोधी विचार गोष्ठी) का आयोजन

सहसवान पूर्व जिला पंचायत सदस्य व सामाजिक कार्यकर्ता हाफ़िज़ इरफान की जानिब से नारायण भवन में एक बेदारी ए मिल्लत कॉन्फ्रेंस, (शैक्षिक जागरूकता व नशा विरोधी विचार गोष्ठी) का आयोजन किया गया। इसमें मौलाना डॉक्टर यासीन अली उस्मानी सेक्रेटरी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मुख्य अतिथि रहे। मेहमान ए खुसुसी डॉक्टर शकील अंसारी, चेयरमैन मीर हादी अली उर्फ बाबर मियां, हैदर मियां रहे ।


महफिल का आगाज क़ुरआने करीम की तिलावत के साथ हजरत कारी फरीदुज़ज़्मा ने किया। हम्द पाक हाफिज ज़ाहिर अली ने और नाते रसूल सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम कारी राहत अली ने पढ़ी। हाफिज इरफान और उनके तमाम साथियों ने मेहमानों का गुलपोशी और गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। जिला पंचायत सदस्य बिजेंद्र यादव ने मेहमान ए ऐजाज़ी मौलाना यासीन अली उस्मानी को चांदी का मुकुट पहनाकर स्वागत किया और प्रोग्राम में इमाम हजरात और हफ्फाज़ ए किराम को शाल पहनाकर इस्तकबाल किया। हाफिज इरफान ने सहसवान चेयरमैन मीर हादी अली उर्फ बाबर मियां और उनके भाई मीर हैदर अली के हाथों से मौलाना डॉक्टर यासीन अली उस्मानी साहब को मौलाना कुतुबुद्दीन ब्रह्मचारी अवार्ड पेश किया। सहसवान के नीट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले चार विद्यार्थी मुआज़ अंसारी, मेहविश खानम, फराज उद्दीन, समीर अहमद को डॉ मुजीब ने इनामात पेश कर उनकी हौसला अफजाई की।


मोहम्मद बेनवा सहसवानी ने इस्तकबालिया नज़्म पेश की । डॉ शकील अंसारी ने अपने ख्यालात का इज़हार करते हुए कहा कि हम सब इत्तेफाको इत्तेहाद के साथ रहकर ही अपनी कौम को बेदार कर सकते हैं। कहा कि खानकाओं ने हमें अदब तहज़ीब मोहब्बत और भाईचारे का दरस दिया हमें खानकाओं से सबक हासिल करना चाहिए। मीर हैदर अली कहा कि बेदारी ए मिल्लत कांफ्रेंस के जरिए हम अपने अंदर बेदारी पैदा करें‌।

मौलाना डॉक्टर यासीन उस्मानी ने खिताब करते हुए कहा कि हमारे नबी करीम सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम ने हमें एक दूसरे के साथ इंसाफ करने का हुकुम दिया है। मौलाना साहब ने बताया कि हमें हर सूरत बेदार रहने की जरूरत है। कहा कि मुआशरे के नौजवानों में नशे की आदत तेजी से फैल रही है। यह कौम के ख़सारे का अहम सबब है। नशा बहुत सारी खुराफत की जड़ है हमें अपनी क़ौम को यक़ीनी तौर पर इससे बचाना है। चेयरमैन मीर हादी अली बाबर मियाँ, मोहम्मद इस्लाम, कारी तौसीफ, मुशर्रफ एडवोकेट, अंसार हुसैन क़मर जमशेद ने भी विचार व्यक्त किए। सदारत अलहाज हाफिज रफीक ने की। ख्वाजा हमीदुद्दीन कादरी ने आखिर में मुल्क में अमनो अमन की दुआ की।


हाफिज इरफान, अजमल हुसैन, हाफ़िज़ अब्दुल हादी, मुनाजिर हुसैन, मु इल्यास राजू, मुशाहिद हुसैन पप्पू, मुकर्रम अंसारी ने मेहमानों और हाज़रीन का शुक्रिया अदा किया। इस मौक़े पर हाफिज आरिफ, हाफ़िज़ अनीसुर्रहमान, हाफ़िज़ असलम क़ारी, हाफ़िज़ मुशर्रफ बरकाती, हाफ़िज़ शाहिद, मोलाना फरीद, मौलाना कलीम, हाफ़िज़ मुशाहिद हाफ़िज़ कलीम, हाफ़िज़ नदीम, हाफ़िज़ क़य्यूम, हाफ़िज़ आसिफ़, हाफ़िज़ सईद, मौलाना जैनुल अब्दीन, दुर्वेश यादव, बिल्ला यादव, गुलफाम यादव, मनोज माहेश्वरी, शैलेंद्र माहेश्वरी, राजीव आदि मौजूद रहे।
रिपोर्टर डाo राशिद अली खान
सहसवान बदायूं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here