दलित और मुस्लिम समाज अखिलेशवा से क्यों है खफा !

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सुनील आनंद के साथ अखिलेश के व्यवहार से दलित समाज नाराज  

दलित-मुस्लिम समाज का मत अखिलेश ने उनके समाज को धोखा दिया  

अखिलेश को मुस्लिम समाज के वोटो की जरूरत नहीं : रशादी

शाह टाइम्स ब्यूरो
आज़मगढ़ । 
आज़मगढ़ की सियासी फ़िज़ाओं से जो ख़ुशबू आ रही हैं उससे महसूस किया जा सकता है कि आज़मगढ़ उप चुनाव के परिणाम सपा के मालिक अखिलेशवा के अनुकूल नहीं हैं मुसलमानों का बड़ा हिस्सा खामोशी के साथ बसपा के हाथी पर सवार होने के लिए तैयार हो रहा है इन संकेतों के बाद सपा ख़ेमा परिणाम आने से पूर्व ही हार मानकर चल रहा है उसकी वजह यह मानी जा रही हैं कि मुसलमानों को बसपा का रूख करते देख यादव भी भाजपा की ओर रूख करता दिख रहा है।

 


रामपुर लोकसभा की खाली हुई सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए चल रहा प्रचार मंगलवार की शाम थम गया. इन दोनों सीटों पर रामपुर में आज़म ख़ान और भाजपा और आज़मगढ़ में बसपा और भाजपा के बीच सीधी चुनावी लड़ाई हो रही है. सियासी जानकारों का कहना है कि रामपुर में आज़म ख़ान के प्रत्याशी और आज़मगढ़ में बसपा के गुडू जमाली भारी पड़ सकते हैं दोनों जगह मुसलमान टेक्टिकल वोटिंग करता दिख रहा है जो सपा और भाजपा दोनों के लिए ठीक नहीं हैं।भाजपा नेताओं ने इन सीटों पर जीत हासिल करने के लिए हर वर्ग से यहां संपर्क किया. वहीं सपा के मालिक अखिलेश यादव ने आजमगढ़ और रामपुर दोनों ही सीटों पर प्रचार करने जाना ही उचित नहीं समझा. दलित और मुस्लिम का कहना है कि अखिलेश यादव को हमारे समाज का वोट चाहिए लेकिन वह हमारे बीच आना पसंद नहीं करते. ऐसे में अब हमारा समाज उसे ही वोट देगा जो हमारे दुःख दर्द का साथी बनेगा।आजमगढ़ के मुबारकपुर और की सगड़ी विधानसभा क्षेत्रों में रह रहे दलित और मुस्लिम समाज के तमाम लोगों ने मंगलवार को सपा के मालिक के प्रति अपने मन के उद्गारों को व्यक्त किया. दलित मुस्लिम बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी शाह आलम उर्फ़ गुड्डू जमाली का नारा ‘बाहरी बनाम स्थानीय’ लोगों की जुबां पर है. यहां वोटरों को रिझाने के लिए जातिगत समीकरण से लेकर सभी हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।

 

 

 

लेकिन साफ़तौर पर कहा जा सकता है कि आज़मगढ़ की सियासी फ़िज़ाओं में लड़ाई बसपा और भाजपा के बीच हो रही है सपा कंपनी यहां तीसरे स्थान पर लुढ़कती हुई दिखाई दे रही हैं सपा के लिए आजमगढ़ का यह उप चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है. इसी बीच राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के प्रवक्ता एडवोकेट तलहा रशादी ने बसपा प्रत्याशी गुड्डू जमाली को समर्थन देने की घोषणा कर और हवा दे दी है।

 

 


तलहा रशादी कहते है कि सपा के मालिक को हमारे समाज के वोटों की जरूरत ही नहीं है, अगर उन्हें जरूरत होती तो वह यहां हमारे समाज के बीच प्रचार करने आते. उन्होंने (अखिलेश) ऐसा नहीं किया तो हम भी मान रहे हैं कि उन्हें हमारा वोट नहीं चाहिए. अब ऐसी ही बात यहां दलित समाज के लोग भी कह रहे है. सगड़ी के रहने वाले रामकुमार कहते हैं कि अखिलेश ने हमारे समाज के साथ धोखा किया है. हमारे नेता के बलिहारी बाबू के बेटे सुनील आनंद को टिकट देने का ऐलान किया पर फिर उन्हें भुला दिया. अखिलेश ने हमारे नेता के साथ ठीक व्यवहार नहीं किया. हमारे समाज में सपा के लोग वोट मांगने तक नहीं आए. रामकुमार के साथ खड़े कमल और शाहिद का कहना था कि इस जिले में सीएए और एनआरसी के आंदोलन के दौरान तमाम युवा जेल गए, लेकिन सपा के मालिक ने कोई बयान तक नहीं दिया और न खुद आए. उन्होंने हमें सिर्फ़ वोटबैंक समझ लिया है कोरोना काल में भी अखिलेश ने ध्यान नहीं दिया. फिर जब चुनाव आया, तो पूरे प्रदेश के नेता चले आए, उस वक्त भी आने चाहिए थे. इसीलिए अब हम भी धोखा देने वालों का साथ नहीं देंगे. बहुत दिया बस अब नहीं देंगे।चुनाव प्रचार के अंतिम दिन दलित और मुस्लिम समाज के लोगों की यह नाराजगी सपा पर भारी पड़ सकती है।

 


आज़मगढ़ लोकसभा सीट पर करीब साढ़े अठारह लाख मतदाता हैं, जिनमें से क़रीब साढ़े तीन लाख यादव मतदाता हैं जो लगभग पचास प्रतिशत से अधिक भाजपा की ओर रूख कर चुका है तीन लाख से ज़्यादा मुसलमान मतदाता हैं. वहीं तीन लाख से ज़्यादा दलित मतदाता हैं. जातीय समीकरण हैं जिनके दम पर बसपा के गुडू जमाली को मज़बूत माना जा रहा है 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव के नतीजे भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि आजमगढ़ का दलित मुसलमान समीकरण सपा को बड़ी जीत दिलाने में कामयाब रहा था.दलित और मुस्लिम समाज की नाराजगी सपा पर भारी पड़ सकती है. दलित और मुस्लिम समुदाय के करीब छह लाख वोट इस सीट पर हैं. फ़िलहाल भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव उर्फ़ निरहुआ और बसपा के प्रत्याशी गुड्डू जमाली के बीच कड़ा मुक़ाबला देखने को मिल रहा है . वही सपा के मालिक अखिलेश यादव के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव तीसरे पायदान पर पहुँचते दिखाई दे रहे हैं ऐसे में अखिलेश यादव की एमवाई वाली जातीय गणित सपा के पक्ष में कैसे बैठेगी या नहीं यह तो अब चुनाव परिणाम आने पर ही पता चलेगा।

 

आजमगढ़ लोकसभा उप चुनाव एक नजर में बसपा: गुड्डू जमाली
भाजपा: दिनेश लाल यादव उर्फ 'निरहुआ'
सपा : धर्मेंद्र यादव
कुल वोटर : 18,38,593

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1 Comments

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