क्या बदला नजारा होगा उत्तर प्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र के दौरान

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लखनऊ उत्तर प्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र के दौरान सदन का नजारा इस बार पहले की तुलना में कुछ बदला बदला सा होगा। ई-विधानसभा की दिशा में आगे बढ़ते हुए उप्र विधानसभा के आगामी सत्र की पूरी कार्यवाही का इस बार सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) होगा।

 

 

डिजिटल तकनीक से लैस बजट सत्र लाइव स्ट्रीमिंग'  उत्तर प्रदेश सरकार का  बजट पूरी तरीके से डिजिटल तकनीक से लैस रहेगा। इस बार के बजट सत्र में विधायकों की सदन में नियमित भागीदारी के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। लाइव स्ट्रीम से विधायक सदन में अपने आचरण के बारे में भी सतर्क किया जाएगा। विधानसभा में हर विधायक की सीट निर्धारित होगी। अपनी सीट पर लगे टैबलेट से लॉगिन करके विधानसभा की कार्रवाई में मंत्री और विधायक शामिल हो सकेंगे।

 

 


उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पहले कार्यकाल में पहला पेपरलेस बजट पेश किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहले कार्यकाल में टैबलेट से देखकर सवाल और डिजिटल माध्यम को बढ़ावा देने के मंत्रियों को निर्देश दिए थे। पिछले कार्यकाल में ही जहां कैबिनेट की बैठक को पेपर लेस किया गया था। योगी सरकार ने पेपरलेस बजट भी पेश किया था तो वहीं विधायकों की न सिर्फ ट्रेनिंग कराई गई थी, बल्कि उनको टैबलेट भी दिया गया था। विधानसभा के अधिकारियों की मानें तो इस बार का बजट पेपरलेस एक कदम आगे बढ़ते हुए डिजिटल प्रबंधन की तरफ बढ़ेगा।

 



 क्योंकि सरकार का पहला बजट हर कार्यवाही लाइव प्रसारण की जाएगी। फेसबुक, यूट्यूब, सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर विधानसभा सत्र के दौरान हो रही बहस का प्रसारण आम जनता सकेगी। इसको लेकर विभिन्न तरीके के लाइवस्ट्रीम मशीनों और उपकरणों को भी इस बार किया जा रहा है।

 


विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में बुधवार को हुयी सर्वदलीय बैठक में ई विधानसभा के उपायों काे लागू करने के प्रयासों में सभी सदस्यों की भागीदारी पर विचार विमर्श किया गया। इस दौरान आगामी सत्र में होने वाले बदलावों से भी सभी दलों के नेताओं को अवगत कराया गया।

 

 

बैठक में सत्तापक्ष की ओर से राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना एवं मंत्री डा संजय निषाद के अलावा विपक्ष से कांग्रेस नेता अराधना मिश्रा ‘मोना’, सपा की तरफ से इकबाल महमूद, सुभासपा के नेता ओपी राजभर और बसपा से उमाशंकर सिंह मौजूद रहे।

 

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