नन्दन उद्योग ने आटे के कट्टे पर एक माह पहले ही डाल दी मैन्यूफैक्चरिंग तारीख

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लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने का कम्पनी पर लगाया गया आरोप

 

रामपुर  लॉक डाउन में भी खाद्य पदार्थ की मैन्यूफैक्चरिंग करने वाले अपना पुराना माल नया दर्शा कर बेचने से बाज़ नही आ रहे है। रामपुर शहर में नन्दन उधोग द्वारा सप्लाई किए जाने वाले आटे के प्लास्टिक के बैग पर अगले महीने की मैन्यूफैक्चरिंग डेट मिलने का मामला सामने आया है। एक के बाद एक कई दुकानों में ऐसा आटा सप्लाई किए जाने से दुकानदारों और ग्राहकों में  कम्पनी और कम्पनी के मालिक के प्रति रोष है। 

 

ग्राहकों का आरोप है कि नन्दन कम्पनी के मालिक लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। 
बताते चले कि डायमंड रोड स्टेट बैंक कालोनी निवासी सौरभ गुप्ता नंदन उद्योग के नाम से आटा मैन्युफैक्चरिंग का प्लांट चलाते है जिसका एफएसएसएआई लाइसेंस नम्बर 12715063000024 है। रामपुर शहर निवासी एक उपभोक्ता पास के ही एक दुकानदार से नन्दन आटे का कट्टा लेकर आया था।

 


 पहले उसने ध्यान नहीं दिया जब घर आकर कट्टे को देखा तो उसपर मैनुफैक्चरिंग की तारीख जून 2021 तथा बेच नम्बर b123 पड़ा हुआ था। जबकि महीना मई का चल रहा है। जिस प्लास्टिक के कट्टे में आटा पैक किया है वह 10 किलो का है। जबकि इसके साथ ही आटे की एक्सपायरी डेट कट्टे पर लिखी ही नही थी। उसने जब ये बात अन्य लोगो को बताई तो लोगो मे कम्पनी के प्रति रोष व्याप्त हो गया। 

 

लोगों का आरोप है कि कम्पनी के मालिक द्वारा ऐसा आटा सप्लाई कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है क्योंकि  ये पता लगाना बहुत मुश्किल है कि ये आटा कट्टे में हकीकत में कब पैक किया गया है। लोगो का आरोप है कि कई बार कट्टे पर नई मैन्युफैक्चरिंग डेट होने के बाबजूद भी आटे में अक्सर कीड़े निकलने की शिकायत भी आती रहती है। 

 


 जब उपभोक्ता ने कट्टे पर लिखे कम्पनी के अंकित नम्बर पर इसकी शिकायत की तो आनन फानन में कम्पनी के मालिक ने अपने नोकर को उसके घर से आटे के कट्टे को उठाने भेज दिया। लेकिन उपभोक्ता ने फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट में इस मामले की शिकायत कर जांच की मांग की है। जब हमने इस मामले में नन्दन उद्योग के मालिक सौरभ गुप्ता से फोन पर सम्पर्क करने की कोशिश की गई तो उनसे सम्पर्क नही हो पाया। 

 

अब यह सवाल उठता है कि जब कम्पनी द्वारा हर बार ताजा आटा दुकानदारों पर सप्लाई करने का दावा किया जाता है तो क्या वो हकीकत में ताजा ही होता है या फिर एक्सपायरी आटे के कट्टे पर दोवारा ताज़े आटे की मैन्यूफैक्चरिंग डेट डाल कर दुकानों पर सप्लाई कर दिया जाता है। अब फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट द्वारा इस पूरे मामले की जांच में बड़ा कारनामा सामने आ सकता है।

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