फैशन की दुनिया का चमकीला  सितारा :  सोनालिका सहाय

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टूरिज्‍म, डेस्‍टीनेशन वेडिंग, कारपोरेट इवेंट्स और हैप्‍पी गेट-टूगेदर पार्टीज में भी खुद को आजमाने का है इरादा

नई दिल्‍ली .  देश की सुपर मॉडल, पूर्व एयर होस्‍टेस और कई अंतरराष्‍ट्रीय फैशन शोज की लीड मॉडल सोनालिका सहाय कहती हैं कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए हर किसी को आगे आना होता है, बस आगे बढ़ो, हर डर को छोड़ दो और फिर सारा आसमान तुम्‍हारा है. देश और दुनिया में पिछले बीस सालों से अपने लुक्‍स, कैट वॉक्स और अदाओं से फैशन के साथ-साथ चलने वाली सोनालिका अब टूरिज्‍म, डेस्‍टीनेशन वेडिंग, कारपोरेट इवेंट्स और हैप्‍पी गेट-टूगेदर पार्टीज में भी अपना रंग जमाएंगी.
झारखंड के शहर हजारीबाग से नई दिल्‍ली आईं सोनालिका का सफर सात समुंदर पार जा चुका है. वे दुनिया की जानी-मानी मॉडल हैं और मिलान, पेरिस, दुबई, मॉस्‍को, न्‍यू यॉर्क में नामचीन डिजाइनर्स के लिए लगातार दो दशकों से शोज को लीड करती रहीं हैं. मनीष मल्‍होत्रा, सब्‍यासाची मुखर्जी, तरूण ताहिलियानी और रोहित बल जैसे दिग्‍गज फैशन डिजानर्स के साथ लगातार काम करने और नामचीन कंपनियों के लिए मॉडलिंग करने वाली सोनालिका सहाय ने कहा कि मैंने पहले होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने की ठानी थी और इसके लिए दिल्‍ली आई थी. यहां आकर मॉडलिंग की शुरुआत की और फिर सिंगापुर एयरलाइन्‍स में एयरहोस्‍टेस बन गई. सिंगापुर में रहते हुए भी मॉडलिंग करते रही और फिर यहां मुझे टॉप टैलेंट के साथ काम करने का मौका मिला.
मीडिया से बातचीत में सोनालिका ने कहा कि मॉडलिंग की दुनिया खुली आंखों और खुले दिमाग से ही ज्‍वाइन करनी होती है. यहां काम करना बहुत कठिन और बहुत ज्‍यादा अनुशासन से होता है. समय की पाबंदी, शरीर से चुस्‍त-दुरूस्‍त होना कंपलसरी होता है. यहां लंबी-चौड़ी बातों का किसी के पास समय नहीं होता, बल्कि यह तो वास्‍तविक सोच वालों की जगह है. एक बात और यहां आकर क्‍या हासिल करना है और कैसे हासिल करना है, इस बात का विचार करने के बाद ही मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखना चाहिए.
सोनालिका कहती हैं कि चमक-दमक ही दुनिया में अपने सधे कदम हों तो आप ठहर पाते हैं, वरना यहां हर दिन नए मॉडल्‍स आ रहे हैं. दो बेटियों की मां होने के बावजूद अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर शोज कर रही सोनालिका हंसते हुए बताती हैं कि मैं अब ज्‍यादा फिट हूं और स्‍वअनुशासित भी. पहले मैं स्‍वतंत्र थी और अपने ही सपनों में खोए रहती थी. दुनिया के टॉप फैशन डिजानर्स के साथ काम करने के बाद मैंने अपने आप को फोकस किया, अपने काम के प्रति भी शिद्दत से मेहनत की और टेक्‍नीक सीखी और प्रैक्टिस की.
मॉडलिंग के कारण मुझे दुनिया भर में अलग-अलग जगहों पर जाने और वहां की संस्‍कृति को समझने का मौका मिला. पहली बार डायविंग करने जब मैं मालदीव्‍स के समुद्री तल में पहुंची तो वहां एक शार्क मुझे चौंकाने के लिए शायद इंतजार कर रही थी, यह घटना मुझे आज भी रोमांचित कर देती है. इसी तरह हर शो का, स्‍टेज पर जाने का एक डर तो होता ही है. आप अपने काम के प्रति कितने सजग हैं, कितने तैयार हैं और अपने काम को किस तरह ले रहे हैं, इस पर आपकी सफलता और आगे काम मिलना तय होता है. महिलाओं के साथ हमेशा ऐसा होता है कि जब उन्‍हें काम करते हुए एक समय बीतता है और वे पुरस्‍कार की हकदार होती है तब उन्‍हें पारिवारिक कारणों या जिम्‍मेदारियों के कारण अपना काम छोड़ना पड़ता है. लेकिन वे चाहें तो अपने काम को जारी रख सकती हैं. इसके लिए कुछ समय निकालना होता है और खुद को काम के लिए तैयार रखना पड़ता है. उन्‍होंने कहा कि फैशन शोज, मॉडलिंग तो मेरा पहला प्‍यार हैं, लेकिन अब मैं डेस्‍टीनेशन वेडिंग, कारपोरेट इवेंट्स और हैप्‍पी गेट-टूगेदर पार्टीज में भी अपना टैलेंट आजमाना चाहती हूं. अभी लोगों को मैं ऐसे ही अपनी राय जाहिर कर देती थी, लेकिन अब मैं पूरी टीम के साथ इवेंट्स ऑर्गेनाइज करूंगी. 

I think all aspiring and professional writers out there will agree when I say that ‘We are never fully satisfied with our work. We always feel that we can do better and that our best piece is yet to be written’.
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