डाॅ.अंबेडकर समता, समानता और स्वाभिमान के प्रतीक

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सहारनपुरआज  नगर निगम सहारनपुर  में संविधान निर्माता डाॅ.भीमराव अंबेडकर की 130वीं जयंती पर मेयर संजीव वालिया, नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह व अनेक पार्षदों ने डाॅ.अंबेडकर के व्यक्तित्व-कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किये।

मेयर संजीव वालिया ने कहा कि डाॅ.अंबेडकर समता, समानता और स्वाभिमान के प्रतीक है। उन्होंने संपूर्ण समाज के लिए समानता का मार्ग प्रशस्त किया और समाज को एक सूत्र मे पिरोने का काम किया। उन्होंने देश को सामाजिक और वैचारिक स्तर भी समृद्ध किया है। देश उनका सदैव ऋणी रहेगा। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने डाॅ.अंबेडकर का भावपूर्ण स्मरण करते हुए कहा कि आज हम स्वतंत्रता के साथ यदि अपनी बात रख पा रहे हैं तो वह डाॅ.अंबेडकर की ही देन है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने सभी वर्गो के सामाजि, आर्थिक उत्थान के लिए काम किया और देश को एक ऐसा सशक्त और विश्व का श्रेष्ठ संविधान दिया जिसके कारण आज भारत पूरे विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है।


पार्षद अनिल पप्पू ने कहा कि आज राजा रानी के पेट से नहीं लोकतंत्र के पेट से जन्म लेता है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब जम्मू कश्मीर कोे धारा 370 के तहत विशेष दर्जा देने के हमेशा खिलाफ थे। इसीलिए उन्होंने संविधान में उसकी अस्थायी व्यवस्था की थी। पार्षद मंसूर बदर ने कहा कि बाबा साहब ने महिलाओं व मजदूरों को अधिकार दिलाने का महत्वपूर्ण काम किया। पार्षद भूरासिंह प्रजापति, मानसिंह जैन व अशोक राजपूत ने कहा कि डाॅ.अंबेडकर ने समाज के कमजोर वर्गो को बराबरी का अधिकार देने का काम किया। रंगकर्मी दिनेश तेजियान ने कहा कि बाबा साहेब ने महात्मा फुले और ज्योति बा फुले के काम को आगे बढ़ाते हुए महिलाओं को अधिकार देने की व्यवस्था संविधान में की। तेजियान ने बाबा साहब का साहित्य भी इस अवसर पर एक दूसरे को भेंट करने का सुझाव दिया।

इसके अतिरिक्त पार्षद विजय कालड़ा, मोहर सिंह, कलमसिंह, नेपाल सिंह, नंद किशोर, कुशल पठानिया, नरेश रावत, आशुतोष सहगल, पार्षद प्रतिनिधि नितिन सिंघल, शकील प्रधान, सईद सिद्दकी, मुख्य अभियंता निर्माण कैलाश सिंह, स्मार्ट सिटी निदेशक सुशील पुंडीर, महानगर महामंत्री किशोर शर्मा, मीडिया कंसल्टेंट डाॅ.वीरेन्द्र आज़म व आईटी आफिसर मोहित तलवार आदि ने भी डाॅ.अंबेडकर का भावपूर्ण स्मरण कर श्रद्धासुमन अर्पित किये।

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