बजरिए शरद पवार पीके की रणनीति

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चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) ने पश्चिम बंगाल में ममत बनर्जी को भारी बहुमत से सत्ता दिलाकर और भाजपा को विधानसभा में दो अंकों के अंदर रोकने की भविष्यवाणी करके अपनी क्षमता को साबित कर दिया है। उसी समय उन्होंने चुनावी रणनीति से संन्यास लेने और नया कुछ करने की घोषणा की थी। यह नया कुछ क्या होगा, इस पर तभी से अटकलें लगायी जा रही हैं। पिछले महीने प्रशांत किशोर ने दो बार शरद पवार से मुलाकात की। लोग कयास लगाते ही रह गये लेकिन पीके ने सच्चाई सामने नहीं आने दी। इस बीच पंजाब मंे मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर के भी सलाहकार रहे पीके जब नई दिल्ली में श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मिलने आये तो कयास लगाए गये कि पंजाब में नवजोत सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच विवाद को सुलझाने का प्रयास पीके कर रहे हैं लेकिन अब खुलकर यह आ रहा है कि पीके शरद पवार के माध्यम से 2024 के लोकसभा चुनाव मंे विपक्षी दलों का मोर्चा तैयार कर रहे हैं। इसके तहत शरद पवार को विपक्ष का राष्ट्रपति पद का संयुक्त उम्मीदवार बनाने की रणनीति बनायी जा रही है। हालांकि इसके पूर्व भी राष्ट्रपति पद के चुनाव मंे श्रीमती सोनिया गांधी ने शरद पवार को विपक्ष का संयुक्त प्रत्याशी बनाने का अनुरोध किया था लेकिन पवार ने इनकार कर दिया था। अब शरद पवार ने एक बार फिर से इसे खारिज किया है। फिलहाल शिवसेना भी शरद पवार के नाम पर विपक्ष के साथ खड़ी होगी।

 

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और गांधी परिवार के बीच 13 जुलाई को हुई मुलाकात को लेकर नई बात सामने आई है। अब यह आगामी राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार के तौर पर विपक्षी दलों की पसंद के रूप में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार का नाम सामने रखा जाए। खास बात यह है कि हाल ही में किशोर ने दो बार पवार से उनके आवास पर मुलाकात की थी। उस दौरान कयास लगाए जा रहे थे कि देश के विपक्षी दल सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ नए सियासी समीकरण या तीसरे मोर्चे की तैयारी कर रहे हैं। इसी के बाद किशोर ने राजधानी दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की थी। इस बैठक में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी भी वर्चुअली शामिल हुई थीं। तब कहा जा रहा था कि यह मीटिंग पंजाब कांग्रेस में जारी कलह को खत्म करने या आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर की गई थी। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि इस बैठक के जरिए कांग्रेस 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। ध्यान रहे 2017 के उत्तर प्रदेश चुनाव में कांग्रेस के असफल होने के पांच साल बाद राहुल और किशोर की मुलाकात हुई थी। इस लिहाज से भी बैठक को काफी अहम माना जा रहा था। समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में यूपी विधानसभा चुनाव लड़ रही कांग्रेस का यूपी के लड़कों का नारा फेल हो गया था और पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद किशोर ने कहा था यह होना ही था। उन्होंने कांग्रेस के काम करने के तरीके पर सवाल उठाया था। साथ ही पार्टी को जिद्दी और अहंकारी बताया था। किशोर ने यह तक कह दिया था कि भविष्य में कांग्रेस के साथ काम करने का कोई सवाल नहीं उठता, लेकिन वो प्रियंका गांधी के संपर्क में बने रहेंगे।

 

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर इन दिनों गांधी परिवार के संपर्क में हैं। मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा है उन्होंने दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की है। कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव  के लिए कुछ बड़ी योजना तैयार कर रही है। हाल ही में किशोर ने महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार के साथ उनके आवास पर बैठक की थी।

माना जा रहा है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ बैठक के बाद किशोर 2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।

 

हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब किशोर ने गांधी परिवार से मुलाकात की है। इससे पहले वे उत्तर प्रदेश के 2017 के चुनाव में साथ आ चुके हैं। उस दौरान पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। गठबंधन कर चुनाव लड़ रही कांग्रेस-समाजवादी पार्टी को हराकर बीजेपी ने सत्ता हासिल की थी। तब किशोर ने खुलकर कांग्रेस के काम करने के तरीके पर असंतोष जाहिर किया था। अब इस बैठक के बाद इस संभावना को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि किशोर एक बार फिर पार्टी के साथ काम करने के लिए तैयार हो रहे हैं। राकंपा प्रमुख शरद पवार से दो बार मुलाकात ने 2024 लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ तीसरे मोर्चे की खबरों को हवा दी थी। कहा जा रहा है कि पवार के घर पर हुई बैठक में पूर्व बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा की अगुवाई में एक मोर्चे को लेकर चर्चा हुई थी। हालांकि, इस दौरान कांग्रेस बैठक से गायब रही थी। पवार और किशोर दोनों ने कहा था कि कांग्रेस के बगैर बीजेपी के खिलाफ कोई गठबंधन नहीं हो सकता। हालांकिं किशोर ने साफ कहा था, मैं नहीं मानता कि तीसरा या चैथा मोर्चा मौजूदा सरकार के लिए चुनौती बनकर उभर सकता है। साथ ही उन्होंने इस विचार को पुराना बताया था। अब पीके ने गांधी परिवार की मौजूदगी ने इस बात के संकेत दिए हैं कि तीनों एक साथ काम कर रहे हैं और कोई भी फैसला सर्वसम्मति से लिया जाएगा।

 

ध्यान रहे शिवसेना के सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है। राउत ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुकाबला करने के लिए विपक्ष के पास कोई चेहरा नहीं है और जब तक विपक्ष के पास चेहरा नहीं आता है, तब तक कोई चांस नहीं है। हालांकि शिवसेना के राज्यसभा सांसद ने कहा कि 2024 के चुनाव में बिना किसी बड़े चेहरे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हराना मुश्किल होगा, लेकिन उन्होंने माना कि नरेंद्र मोदी के मुकाबले एनसीपी प्रमुख शरद पवार सबसे सही उम्मीदवार हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व पर संजय राउत ने कहा कि राहुल गांधी कांग्रेस के एक बड़े नेता हैं, लेकिन उनसे भी बड़े नेता अभी मौजूद हैं। संजय राउत ने कहा कि कांग्रेस में भी लीडरशिप को लेकर संकट है, इसलिए अभी तक पार्टी प्रेसिडेंट नहीं चुन पाए हैं। दूसरी ओर विपक्षी एकता के लिए कड़ी मेहनत कर रहे प्रशांत किशोर पर संजय राउत ने कहा कि प्रशांत किशोर ने बंगाल में अच्छा काम किया है। ऐसा टीएमसी का कहना है। टीएमसी और प्रशांत किशोर में एक एग्रीमेंट भी हुआ था। संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में प्रशांत किशोर ने काम किया था, हमारे साथ भी कुछ काम किया था। राउत ने कहा कि मुझे नहीं पता कि वो क्या करना चाहते हैं। देश के विपक्ष को साथ लाने में योगदान कर सकते हैं। अगर कोई गैर राजनीतिक व्यक्ति ऐसा काम करे तो उसको सब लोग मान्यता देते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी का चेहरा अहम है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद मोदी की लोकप्रियता में थोड़ी कमी आई है, लेकिन वो देश के सबसे बड़े नेता हैं। शिवसेना नेता का बयान उस समय आया है, जब प्रशांत किशोर ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात की है। महाराष्ट्र में शिवसेना और शरद पवार की पार्टी एनसीपी और कांग्रेस में सरकार के गठन के लिए समझौता हुआ है। संजय राउत पहले भी शरद पवार को विपक्ष का प्रमुख नेता बनाने की बात कह चुके हैं। इस प्रकार शरद पवार के माध्यम से पीके विपक्ष को संयुक्त करना चाहते हैं। 

~अशोक त्रिपाठी

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