सर्वजन स्वराज पार्टी ने किया सचिवालय का घेराव

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  • सर्वजन स्वराज पार्टी ने किया सचिवालय का घेराव
  • राज्य की परिसंपत्तियां वापस लेने व किसान कानूनों को निरस्त करने की मांग
  • राज्य की 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि व कई बड़े डैम उत्तर प्रदेश के ही कब्जे में 
  • घेराव के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं व पुलिस प्रशासन के बीच हुई तीखी नोकझोंक


शाह टाइम्स संवाददाता
देहरादून।
सर्वजन स्वराज पार्टी की ओर से पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सचिवालय घेराव कर राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया गया। सोमवार को पार्टी की ओर से उत्तर प्रदेश से राज्य की परिसंपत्तियों को वापस लाने व कृषि कानूनों के साथ ही राज्य में अवैध तरीके से चल रही टैक्सी कंपनियों को प्रतिबंधित करने आदि मांगों को लेकर सचिवालय का घेराव किया गया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र भट्ट के नेतृत्व में तमाम कार्यकर्ता बन्नू स्कूल से एकत्रित होकर सचिवालय घेराव को निकले। इस मौके पर उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं तमाम युवा कार्यकर्ताओं के साथ ही महिला कार्यकर्ता भी पूरे जोश में प्रदर्शन करती दिखी।

सचिवालय पहुंचने से पहले ही पुलिस प्रशासन की ओर से बैरिया लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोका लिया गया। जिसको देख प्रदर्शनकारी भड़क उठे। इस बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर झड़प हुई। झड़प में कुछ उग्र प्रदर्शनकारियों को रोकने पर पुलिस प्रशासन और प्रदर्शनकारियों की तीखी नोकझोंक और बहस हुई। रोक जाने पर पार्टी कार्यकर्ता वहीं बैठ कर नारेबाजी कर प्रदर्शन करने लगे। वहीं प्रशासन की ओर से सीओ सिटी शेखर सुयाल ने जिम्मा संभाला रखा। इस मौके पर डॉ. देवेश्वर भट्ट ने कहा कि राज्य को उत्तर प्रदेश से अलग हुए 20 वर्ष से भी अधिक हो गए हैं। लेकिन आज भी हमारे राज्य की लाखों-करोड़ों रुपए की परिसंपत्तियां यूपी के ही कब्जे में हैं। उन्होंने कहा कि नहरवाई, सिंचाई विभाग, आवास विकास व राज्य की 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि व राज्य के कई बड़े डैम उत्तर प्रदेश के ही कब्जे में है।

उन्होंने इन परिसंपत्तियों को वापस लाने की मांग उठाई। उन्होंने भाजपा व कांग्रेस की सरकारों पर हमला करते हुए कहा कि बीते 20 वर्षों में कांग्रेस या बीजेपी की सरकारें राज्य के नौजवानों को रोजगार मुहैया नहीं करा पाई हैं। साथ ही राज्य की सरकारें पहाड़ी जनपदों में स्वास्थ्य सेवा व शिक्षा को आधुनिक तक नहीं बना पाई है। उन्होंने विद्यालयों व अस्पतालों को लेकर भी सरकार पर जमकर हमला किया। उन्होंने कहा कि टिहरी बांध पर भी राज्य की हिस्सेदारी बेहद कम है। जबकि उसमें कम से कम 50 फीसदी हिस्सेदारी राज्य की होनी चाहिए थी। वही इस मौके पर जगतराम डोगरा, शक्ति शैल कपर्वाण, आशीष नौटियाल, दुर्गा प्रसाद, डीके पाल, राजकमल, एमएम साहिल और गौरी रौतेला सहित तमाम पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

यह है मांगे 
राज्य की परिसंपत्तियां जल्द से जल्द वापस मिले

राज्य में किसान पर लाए गए बिल को निरस्त किया जाए
राज्य की नजूल भूमि व मलिन बस्तियों को उनके घरों के साथ मालिकाना अधिकार दिया जाए
कोरोना काल के दौरान बीते 6 माह का बिजली पानी व स्कूल फीस आदि का बिल माफ किया जाए
प्रदेश भर में अवैध तरीके से चल रही टैक्सी कंपनियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए

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