राकेश टिकैत का विवादित बयान

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भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने पिछले दिनों कुछ अच्छे फैसले लिये लेकिन उनका एक विवादित बयान उनकी सभी अच्छाइयों पर भारी पड़ सकता हे। वैसे भी किसान संघ के योगेन्द्र यादव के निलंबन को किसान आंदोलन के विखराव के रूप में देखा जा रहा है। राकेश टिकैत ने लखीमपुर में हिंसक वारदात के बाद समझौता कराकर अच्छा काम किया और उसके बाद नोएडा-दिल्ली सीमा पर नेशनल हाईवे को यातायात के लिए सुलभ कर दिया गया। इन फैसलों से आम जनता की सहानुभूति उनको मिल रही थी लेकिन अब सिंघु बार्डर पर मजदूर की हत्या के मामले में राकेश टिकैत ने विवादित बयान दिया है। भाजपा पर आरोप लगाते हुए उन्हाेंने यहां तक कह दिया कि यह सरकार दूसरे देश में स्ट्राइक करवा सकती है तो यहां भी कुछ भी कर सकती है। राकेश टिकैत ने यह बयान तब दिया जब उनसे योगेन्द्र यादव के निलंबन के बारे में पूछा गया था। योगेन्द्र यादव को भाजपा कार्यकर्ता शुभम मिश्र के घर जाने के कारण किसान मोर्चे से निलंबित किया गया है। राकेश टिकैत ने दूसरे देश में स्ट्राइक की बात कहकर पाकिस्तान जैसे देश को आरोप लगाने का मौका दिया है। ध्यान रहे इसी दशहरे के दिन लखबीर सिंह नामक युवक की धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी के आरोप में सिंधु बार्डर पर रस्सी से बांधकर हत्या की गयी थी।


राकेश टिकैत ने सिंघु बॉर्डर हत्याकांड की घटना को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह ( भाजपा वाले) किसी को भी किसी का कपड़ा पहना कर बवाल करवा सकते हैं। निहंग सरदार के कपड़े पहना दिये होंगे। सरकार कुछ भी करवा सकती है। जब यह सरकार दूसरे देश में स्ट्राइक करवा सकती है तो यहां भी कुछ भी कर सकती है। निहंग सरदारों को लेकर फैसला पंजाब की यूनिट पर छोड़ा है। भारतीय किसान संघ (बीकेयू) के नेता ने यूपी-गाजीपुर बॉर्डर से बैरिकेड हटाने पर भी बयान दिया। टिकैत के मुताबिक, यह पुलिस के बैरिकेड नहीं है बल्कि मोदी सरकार के हैं। मोदी सरकार ने बैरिकेड लगा रखे हैं। आज हम बैरिकेड पर लिखेंगे कि ये मोदी सरकार के बैरिकेड हैं। हम कहां जायेंगे यहां से कोई जगह हो तो बताओ। राजधानी दिल्ली और हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर फ्री मुर्गा नहीं देने पर युवक की पिटाई के साथ उसका पैर तोड़ने वाले निहंग को सोनीपत पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। युवक ने आरोप लगाया था कि वो मुर्गों की सप्लाई देने जा रहा था। इसी दौरान एक निहंग सिख उससे फ्री मुर्गा मांगने लगा। वहीं, जब उसने मुर्गा देने से इनकार किया तो उसके साथ न सिर्फ मारपीट की गई बल्कि पैर भी तोड़ दिया गया। युवक की शिकायत के बाद सोनीपत पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की थी।


बहरहाल, हरियाणा की सोनीपत पुलिस ने सिंघु बॉर्डर पर एक मजदूर मनोज पासवान के साथ मारपीट करने और उसका पैर तोड़ने के आरोप में नवीन कुमार नाम के निहंग को गिरफ्तार किया साथ ही पुलिस ने कहा कि हरियाणा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद कार्रवाई की है। युवक के साथ फ्री चिकन नहीं देने पर निहंग द्वारा की गई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था।

 

सिंघु बॉर्डर पर युवक की साथ मारपीट के मामले में सोनीपत पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया आरोपी निहंग नवीन कुमार हरियाणा के करनाल जिले के गांव गगसिना का रहने वाला है। वह एक साल पहले ही निहंग बना है। आरोप है फ्री मुर्गा ना देने पर उसने मनोज पासवान के साथ मारपीट की थी। जानकारी के मुताबिक, आरोपी निहंग पंजाबी भाषा नहीं बोल सकता है, क्योंकि वह हरयिाणा का रहने वाला है तो वह हरियाणवी भाषा में ही बात करता है।  वायरल हुए वीडियो में युवक ने कहा था कि निहंग सरदारों के कपड़ो में शामिल एक शख्स ने इस वारदात को अंजाम दिया है।

 


सिंघु बॉर्डर पर हुए निर्मम हत्याकांड मामले का अंबाला में जोरदार विरोध देखने को मिला। पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलवाने की मांग को लेकर युवा शक्ति दल के युवा कार्यकर्ताओं ने चंडीगढ़-अंबाला हाइवे जाम कर दिया। इस दौरान युवाओं ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर सिंघु बॉर्डर पर हुई घटना को लेकर गुस्सा जाहिर किया। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की। पंजाब सरकार ने सिंघु बॉर्डर पर मारे गए एक दलित श्रमिक की बहन की शिकायत की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया। दलित श्रमिक की किसानों के प्रदर्शन स्थल पर पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। पीड़ित की बहन ने आरोप लगाया कि उसके भाई को ‘लालच देकर’ दिल्ली-हरियाणा सीमा पर ले जाया गया था। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की एक निहंग नेता के साथ कथित तस्वीर का हवाला देते हुए पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा  ने दलित श्रमिक लखबीर सिंह की हत्या को किसानों के आंदोलन को बदनाम करने की संभावित साजिश करार दिया।

 


लखबीर की बहन राज कौर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उनके भाई को कुछ अज्ञात लोगों ने “लुभाया” और सिंघु ले गया जहां 15 अक्टूबर को उसकी हत्या कर दी गई। 


पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने केंद्रीय कृषि मंत्री की एक निहंग ‘नेता’ के साथ कथित तस्वीर का हवाला देते हुए कहा था कि सिंघु बॉर्डर पर एक श्रमिक की नृशंस हत्या किसानों के विरोध प्रदर्शन को बदनाम करने का संभावित षड्यंत्र है। कांग्रेस की राज्य इकाई के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीर के मद्देनजर आरोप लगाया कि दिल्ली-हरियाणा सीमा के निकट किसानों के विरोध प्रदर्शन स्थल पर पिछले सप्ताह हुई हत्या में केंद्रीय एजेंसियों की संलिप्तता हो सकती है। एक सामूहिक तस्वीर में तोमर और एक व्यक्ति निहंग सिखों की नीली पोशाक पहने दिख रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कृषि कानूनों को लेकर गतिरोध दूर करने के मकसद से वार्ता करने के लिए प्रदर्शनकारी किसान नेताओं से अतीत में मुलाकात की थी। रंधावा ने किसी का नाम लिए बिना कहा था कि यही निहंग नेता हत्या के मुख्य आरोपी का ‘बचाव कर रहा’ था। निहंग समूह ने पीड़ित पर सिखों के पवित्र ग्रंथ की बेअदबी करने का आरोप लगाया था। रंधावा ने एक बयान में कहा, ‘एक निहंग नेता के भारत सरकार, विशेष रूप से कृषि मंत्री एन एस तोमर के साथ संपर्क में होने की बात हाल में सामने आने के बाद हत्या के इस मामले ने पूरी तरह एक नया मोड़ ले लिया है।’ इस प्रकार किसान आंदोलन आरोपों मंे घिर रहा है। राकेश टिकैत के बयान ने आरोपों को और गंभीर कर दिया है। 

~अशोक त्रिपाठी

 

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