उत्तराखंड में कोरोना को मौत देने की तैयारी पूरी

ShahTimesNews
Image Credit: ShahTimesNews

  • उत्तराखंड में कोरोना को मौत देने की तैयारी पूरी
  • प्रदेश में 33 सेंटरों में लगेंगे कोविशील्ड के टीके
  • 87588 स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन दी जाएगी


शाह टाइम्स संवाददाता
देहरादून।
उत्तराखंड में कोविड-19 कोरोना वायरस को मात देने के लिए स्वास्थ विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। केंद्र व राज्य सरकार के प्रयासों के बाद कल (16 जनवरी 2021) सुबह 10ः30 बजे पूरे देश में कोविड-19 वैक्सीन से टीकाकरण का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे, इसके साथ ही उत्तराखंड में भी कोविड वैक्सीन लगाए जाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।


उत्तराखण्ड में टीकाकरण अभियान के पहले दिन कुल 34 बूथों पर टीकाकरण किया जाएगा। टीकाकरण को सफलतापूर्वक करने के लिए सरकार ने टीकाकरण बूथ की संख्या कम करने का फैसला लिया है। पहले यह टीकाकरण 43 केंद्रों पर लगाए जाने की योजना बनाई गई थी। टीकाकरण अभियान के पहले दिन 34 स्वास्थ्य इकाइयों पर प्रति इकाई 100 टीकों के हिसाब से 3400 हेल्थ केयर वर्कर्स का टीकाकरण किया जाएगा।

यह है टीकाकरण की तैयारियां
देहरादून।
स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सीनेशन अभियान के लिए 4943 सरकारी व निजी स्वास्थ्य कार्यों को चिन्हित किया है। जिनमें 9708 टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे और 87588 स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन दी जाएगी। इस अभियान के लिए 402 पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे और 120 अतिरिक्त पर्यवेक्षक वैक्सीनेटर का कार्य भी देखेंगे। अभियान की सफलता के लिए 2118 एएनएम को वैक्सीनेटर बनाया गया है जबकि 6509 संभावित वैक्सीनेटर स्कोर चिन्हित किया गया है। वैक्सीनेशन अभियान के लिए राज्य में 317 गोल्ड चेन पॉइंट बनाए गए हैं, जहां वैक्सीन का रखरखाव एवं उचित तापमान पर स्टोरेज की व्यवस्था की गई है। वैक्सीन की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए 483 आइस लाईंड रेफ्रिजरेटर, 547 डीप फ्रीजर ,3 वाॅक इन कूलर तथा दो वाॅक इन फ्रीजर की व्यवस्था भी स्वास्थ्य विभाग ने की है । टीकाकरण अभियान 3 चरणों में आयोजित होगा, जिसमें पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मी, फ्रंटलाइन वर्कर को वैक्सीन दी जाएगी। जबकि दूसरे चरण में 50 वर्ष से अधिक आयु एवं अन्य प्रकार की बीमारियों से ग्रसित लोगों को टीका लगाया जाएगा। तीसरे चरण में अन्य बाकी को टीकाकरण के लिए लिया जाएगा। इतना ही नहीं टीकाकरण अभियान के तहत प्रत्येक केंद्र पर एक वैक्सीनेटर 2 तथा चार वैक्सीनेशन ऑफिसर तैयार रहेंगे और 100 लाभार्थियों को एक केंद्र पर टीका लगाया जाएगा।

हिमालयन व गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज में भी होगा टीकाकरण: सोनिका
देहरादून।
राज्य नोडल अधिकारी व मिशन निदेशक एनएचएम सोनिका ने बताया कि कल आज से राज्य के सभी जनपदों के 13 चिकित्सालय पर कोविड-19 वैक्सीनेशन टीकाकरण किया जाएगा उन्होंने बताया कि जनपद देहरादून में पांच हरिद्वार तथा उधम सिंह नगर में 4 नैनीताल में 3 तथा अन्य जनपदों में दोनों स्थानों पर टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे मिशन निदेशक एनएचएम ने बताया कि टीकाकरण के लिए चिन्हित 34 स्थानों में 32 सरकारी चिकित्सा संस्थान है जिसमें एम्स ऋषिकेश तथा ईशकुल आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी भी शामिल है जबकि दो निजी चिकित्सा संस्थान हिमालयन मेडिकल कॉलेज एवं गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज में टीकाकरण होगा मिशन निदेशक सोनिका ने बताया कि टीकाकरण के राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ के दौरान प्रधानमंत्री वीडियो कांफ्रेंस के जरिए दून मेडिकल कॉलेज तथा हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज से भी जुड़ेंगे और टीकाकरण की गतिविधि को देखेंगे उन्होंने बताया कि इस अवधि में प्रधानमंत्री वहां पर उपस्थित वैक्सीनेशन कार्य में लगे हुए स्वास्थ्य अधिकारियों से वार्ता भी करेंगे उन्होंने बताया कि टीकाकरण के शुभारंभ के अवसर पर सभी 34 स्वास्थ्य इकाइयों पर 100 लाभार्थियों को वैक्सीन दी जाएगी। वैक्सीनेशन के पहले दिन लगभग 3400 हेल्थ केयर वर्कर्स का टीकाकरण किया जाएगा।

जनपदों में वैक्सीन सुरक्षित पहुंच चुकी हैः डॉ. अमिता उप्रेती
देहरादून।
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अमिता उप्रेती ने कोविड-19 वैक्सीन टीकाकरण के बारे में बताया कि सभी जनपदों में वैक्सीन सुरक्षित पहुंच चुकी है तथा कल आज प्रातः वैक्सीन सभी टीकाकरण सत्रों में निर्धारित कोल्ड चेन प्रणाली के तहत उपलब्ध रहेगी। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. उप्रेती के अनुसार सभी जनपदों को निर्देश दिए गए हैं कि वह टीकाकरण के दौरान भारत सरकार की गाइडलाइन का सख्ती से अनुपालन करते हुए टीकाकरण के कार्य को पूरा करेंगे और सभी टीकाकरण स्थलों पर कोविड-19 के मानकों का पालन सुनिश्चित कराएंगे। उन्होंने बताया कि सभी जनपदों को यह भी कहा गया है कि वह आपूर्तित वैक्सीन की प्रथम खुराक देने केस के दौरान इस बात को भी सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें 50 प्रतिशत वैक्सीन दूसरी खुराक के लिए सुरक्षित रखनी है। स्वास्थ्य महानिदेशक ने कहा कि टीकाकरण अभियान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

 

 निदेशक एनएचएम डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि टीकाकरण एक व्यापक अभियान है और टीके के बाद लाभार्थी को आधे घंटे तक बिठाया जाना है।ऐसे में पहले ही दिन टीकाकरण में किसी तरह की दिक्कत न आए, इसलिए सेंटरों की संख्या कुछ कम की गई है। उन्होंने बताया कि पहले दिन राज्य के 33 केंद्रों पर सौ वैक्सीन प्रति सेंटर के हिसाब से कुल 3300 के करीब स्वास्थ्य कर्मियों को टीके लगने की उम्मीद है। हालांकि पहाड़ में विषम परिस्थितियों में सौ की बजाए एक बूथ पर 75 टीकों की भी छूट दी गई है , इसलिए यह संख्या तीन हजार के आसपास रहने की उम्मीद है।


डॉ सरोज नैथानी ने बताया कि गुरुवार को राज्य के सभी जिलामुख्यालयों में टीका पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि इसके बाद अब टीका शनिवार को टीकाकरण के दिन ही बूथों पर पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले दिन के लिए बड़े अस्पतालों को टीकाकरण के लिए चुना गया है। ऐसे में मुख्यालय से एक दो घंटे के अंतराल पर टीका बूथ तक पहुंच जाएगा। टीकाकरण अभियान की शुरूआत सुबह नौ बजे से होनी है। इसलिए टीका सुबह ही भेजा जाएगा।
डॉ नैथानी ने बताया कि जिले के जिस अस्पताल को पहले चरण में टीकाकरण के लिए चुना जाएगा उसके सभी कर्मचारियों को टीका लगाया जाएगा। टीका उसी क्रम में लगाया जाएगा जिस क्रम में अस्पताल की ओर से डेटा फीड किया गया होगा। उन्होंने बताया कि पहले चरण में इसीलिए बड़े अस्पतालों को चुना गया है ताकि मरीजों के अधिक संपर्क में आने वाले लोगों की सुरक्षा सबसे पहले की जाए।

मोबाइल पर मैसेज नहीं आया तो बूथ से मिलेगी पर्ची
देहरादून।
राज्य में शनिवार से से शुरू हो रहे टीकाकरण अभियान के दौरान यदि किसी स्वास्थ्य कर्मी को कोविन पोर्टल से वैक्सीनेशन के बारे में एसएमएस जेनरेट होने के बावजूद मैसेज नहीं मिलता तो ऐसे में स्वास्थ्य कर्मी को पर्ची के जरिए टीकाकरण के लिए बुलाया जाएगा। राज्य में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह प्लान तैयार किया गया है। केंद्र सरकार ने टीकाकरण के लिए यह व्यवस्था बनाई है कि कोविन पोर्टल से मैसेज जारी होने के बाद ही कोई भी स्वास्थ्य कर्मी टीकाकरण के लिए निर्धारित बूथ पर पहुंचेगा। लेकिन राज्य में कई इलाकों में नेटवर्क की गंभीर समस्या है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्लान बी तैयार किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित नेगी ने बताया कि यदि कोविन पोर्टल से टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य कर्मी को मैसेज भेजा गया है और वह कर्मचारी के मोबाइल पर नहीं पहुंचा है तो बूथ पर तैनात अफसर ऐसे लोगों के लिए वोटिंग की तर्ज पर एक पर्ची देंगे जिसके आधार पर तय स्वास्थ्य कर्मी का टीकाकरण किया जाएगा।

पर्वतीय जिलों में एसएमएस न आने पर पर्ची की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा इंटरनेट की दिक्कत को देखते हुए कोविन साफ्टवेयर पर ऑफ लाइन डाटा फीड करने की सुविधा भी दी गई है। टीकाकरण ड्यूटी में तैनात कर्मियों से कहा गया है कि यदि इंटरनेट नहीं है तो ऑफ लाइन कार्य किया जाएगा।

पहले चरण में 50 हजार स्वास्थ्य कर्मियों को टीका
देहरादून।
केंद्र सरकार की ओर से दी गई 1.13 लाख कोविशील्ड की खुराक से राज्य के पचास हजार स्वास्थ्य कर्मियों को ही टीका लग पाएगा। राज्य में राज्य, केंद्र और सैन्य स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या 87 हजार के आसपास है। ऐसे में कई स्वास्थ्य कर्मियों को टीकाकरण के लिए कुछ समय का इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि वैक्सीन की दूसरी खेप जल्दी ही उत्तराखंड आने की उम्मीद जताई जा रही है।

छह महीनों तक खराब नही होगी वैक्सीन
देहरादून।
उत्तराखंड को मिली सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड वैक्सीन अगले छह महीनों तक खराब नहीं होगी। सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने बताया कि वैक्सीन की एक्सपायरी छह माह बाद होगी और उससे पहले ही इन सभी वैक्सीन को उपयोग कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वैक्सीन को कोल्ड स्टोर पर माइनस 25 डिग्री तक रखा जाएगा लेकिन जब बूथ पर स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया जाएगा तो उस वक्त वैक्सीन के लिए 2 से आठ डिग्री के बीच का तापमान चाहिए होगा।

 

  • किस जनपद को कितनी डोज
  • अल्मोड़ा 6970
  • बागेश्वर 3320
  • चमोली 4880
  • चम्पावत 2610
  • देहरादून 28920
  • हरिद्वार 18050
  • नैनीताल 12010
  • पौड़ी 7670
  • पिथौरागढ़ 5820
  • रुद्रप्रयाग 2580
  • टिहरी 7160
  • यूएस नगर 8680
  • उत्तरकाशी 3950

I think all aspiring and professional writers out there will agree when I say that ‘We are never fully satisfied with our work. We always feel that we can do better and that our best piece is yet to be written’.
View all posts

Leave a Reply