नही नजर आया चांद, शुक्रवार को मनाई जाएगी ईद

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नही नजर आया चांद, शुक्रवार को मनाई जाएगी ईद
मुस्लिम समाज सादगी से मनाए ईदः काजी
देश मे खुशहाली व कोरोना से निजात को मांगी जाएगी दुआएं
लाॅकडाउन के चलते घरों में ही अदा की जाएगी नमाज

शाह टाइम्स संवाददाता
देहरादून  शहर काजी देहरादून मौलाना मोहम्मद अहमद कासमी, काजी दारूल कजा उत्तराखण्ड मुफ्ति सलीम अहमद कासमी व इमाम संगठन 
के प्रदेश अध्यक्ष मुफ्ति रईस अहमद कासमी ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि देश भर में कही से भी चांद देखे जाने की तस्दीक नही हो 
सकी है। इसलिये ईद शुक्रवार 14 मई को मनाई जाएगी। वहीं, उन्होने कहा कि पिछले साल की तरह मुस्लिम समाज इस बार भी सादगी के 
साथ ईद का त्यौहार मनाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस कोविड-19 के चलते देवभूमी उत्तराखण्ड सहित पूरी दुनिया कोरोना संक्रमण 
की दूसरी लहर का सामना कर रही है। हमारी जिन्दगियों मे पहली बार ऐसा मौका आया है जब नमाजी मस्जिदों से महरूम रह गये, तरावी 
की नमाज मे कुरआन के सुनने-सुनाने से महरूम रह गये, जुमा अलविदा की दुआओं से महरूम हो गये, रोजेदार की बरकत से रोजा इफ्तारी 
कराने से सवाब से महरूम रह गये। यह तमाम काम इसलिये किये ताकी इंसानी जिन्दगियाँ सलामत रहे, इन्सानियत सलामत रहे। 


कोविड-19 के नियमों का पालन किया जाए। अपने आस-पास के गरीबों-मरीजों की मदद की जाए। अब सब जान चुके हैं के कोरोना छूने से 
फैलता है। इस लिए सब से गुजारिश की जाती है ईद मुबारक कहते हुए न किसी से हाथ मिलाए, न गले मिले, न सर पर हाथ रखे ओर बिना 
मास्क के घर से बाहर न जाएँ। कोरोना से निजात के लिये दुआ करें। 
... मुफ्ति सलीम अहमद कासमी,
  काजी दारूल कजा उत्तराखण्ड।


कोरोना से बचाव के लिये सरकार की ओर से जारी हिदायात का पालन किया जाए। साफ-सफाई का इंतजाम किया जाए। बार-बार वुजू 
करते रहें। खासतौर पर बीमारी से बचने के लिये सदका करते रहें। शारीरिक दूरी का ख्याल रखे। ईद के मौके पर अधिक सतर्कता बरतने की 
जरूरत है। एहतियात ही कोरोना से बचाव है। 
... मुफ्ति रईस अहमद कासमी, 
    प्रदेश अध्यक्ष इमाम संगठन उत्तराखण्ड।

 


जो साहिबे निसाब हैं वह जकात व फितरा ईद की नमाज से पहले-पहले अदा कर दें। इस बार ईद का त्यौहार सादगी के साथ मनाया जाये। 
जरूरतमन्दों का ख्याल रखा जाए। शारीरिक दूरी बना कर रखने और एक ही जगह पर जमावड़ा करने से बचे। ईद के मौके पर खुसूसी 
दुआओं का एहतमाम किया जाए। 
 ... मौलाना मोहम्मद अहमद कासमी, 
         शहर काजी देहरादून।
 


ईद-उल-फितर के दिन यह खुसूसी आमाल करे
देहरादून।
ईद-उल-फितर के दिन मिस्वाक करना, गुस्ल करना, अच्छे कपड़े पहनना, खुशबू लगाना, तेल और सुरमा लगाना, ईद की नमाज से 
पहले कोई मीठी चीज खाना, एक रास्ते से जाना, दूसरे रास्ते से आना, ईदगाह पैदल जाना, ईदगाह जाते वक्त तकबीर-ए-तशरीक पढ़ना 
आदि सुन्नत है।

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