कल से कोरोना वैक्सीन न केवल सरकारी अस्पतालों, बल्कि प्राइवेट हॉस्पिटल में भी उपलब्ध हो जाएंगे : सीएम

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लखनऊ   उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने आज जनपद वाराणसी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चोलापुर में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का अवलोकन किया तथा 01 मार्च से 31 मार्च तक चलने वाले संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने संचारी रोगों से बचाव की जागरूकता हेतु गांवों में स्वास्थ्य सेवा के लिए सचल चिकित्सा इकाई वाहनों, फॉगिंग मशीन वाहनों, एंटी लार्वा स्प्रे टीमों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चोलापुर के जनरल वॉर्ड में जाकर मरीजों को देखा एवं उनके परिजनों से बात की। आयुष्मान मेले में आयी सुश्री रीना देवी व सुश्री ऊषा देवी से गोल्डन कार्ड के विषय में जानकारी प्राप्त की। 

     संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री  ने कहा कि अब उन तमाम बीमारियों यथा-दिमागी बुखार, संचारी रोग के खिलाफ हम आगे बढ़ रहे हैं। पहले प्रति वर्ष इन रोगों से हजारों लोग संक्रमित होते थे तथा सैकड़ों मौतें होती थी। जिस पर पूर्व में लंबे समय से ध्यान नहीं दिया गया। शीघ्र ही हम संचारी रोगों को पूर्णतः नियंत्रित कर लेंगे। प्रदेश बहुत जल्द संचारी रोगों से मुक्त होगा। संचारी रोग नियंत्रण विशेष अभियान है और इसका शुभारंभ का दिन विशेष है। अभी से तैयारी होगी तो आगे गर्मी-बरसात में तमाम बीमारियों से बचा जा सकता है।     
     

 मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत वर्ष 2020 में वर्तमान सरकार ने यह सुनिश्चित किया था कि प्रदेश के अंदर प्रत्येक रविवार को हर प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आरोग्य मेलों का आयोजन किया जाएगा और मुख्यमंत्री आरोग्य योजना के माध्यम से आरोग्यता सुनिश्चित करने के लिए उस समय एक विशेष अभियान को आगे बढ़ाने का निश्चय किया गया था। उस समय मात्र 6-7 आरोग्य मेले ही सम्पन्न हो पाये थे, जिसके माध्यम से 30 लाख से अधिक लोगों ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त कीं। उसी दौरान वैश्विक महामारी कोरोना ने दस्तक दे दी थी और सरकार को कोरोना के कारण कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। लगभग 10 महीनों तक कोरोना के साथ जूझते हुए प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में एक नई लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए देश और प्रदेश ने भी कोरोना को मात दी और अन्ततः कोरोना आज प्रदेश में न्यूनतम स्तर पर है।      

 मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रधानमंत्री की अनुकम्पा से आज देश में 2 वैक्सीन उपलब्ध हो चुके हैं। कल से यह वैक्सीन न केवल सरकारी अस्पतालों, बल्कि प्राइवेट हॉस्पिटल में भी उपलब्ध हो जाएंगे। कोरोना के दौरान प्रधानमंत्री जी ने जो मार्गदर्शन दिया, उसके कारण आज पूरा देश व प्रदेश सुरक्षित है।       

मुख्यमंत्री  ने कहा कि कोरोना को मात देने के बाद राज्य सरकार तमाम प्रकार की बीमारियों के खिलाफ भी एक नया अभियान प्रारम्भ कर रही है। मस्तिष्क ज्वर के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश में गोरखपुर, बस्ती, देवीपाटन, बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर मण्डल सहित अन्य क्षेत्रों में प्रतिवर्ष हजारों लोग इस बीमारी से संक्रमित होते थे, सैकड़ों मौतें होती थीं, लेकिन 40-45 वर्षों तक किसी ने इसका संज्ञान नहीं लिया। जब 2017 में प्रदेश में वर्तमान सरकार आयी तो इस बीमारी के उपचार के लिए अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग को नोडल विभाग बनाते हुए विशेष अभियान प्रारम्भ किया गया।      

मुख्यमंत्री  ने कहा कि अभी पिछले दिनों उन्होंने लखनऊ में जे0ई0 टीका यानि जापानी इंसेफेलाइटिस टीकाकरण का एक विशेष अभियान प्रारम्भ किया। उत्तर प्रदेश के 38 जनपदों में दिमागी बुखार के मामले आते थे। आज इस बीमारी को अंतिम चरणों में पूरी तरह से नियंत्रण करने की ओर अग्रसर हुए हैं। पिछले 04 वर्षों के दौरान प्रदेश सरकार ने इस बीमारी पर 75 प्रतिशत और मृत्यु दर में 95 प्रतिशत नियंत्रण करने में सफलता प्राप्त की है। शीघ्र ही इस बीमारी पर पूर्ण नियंत्रण पा लिया जाएगा। इसे नियंत्रित करने में यूनीसेफ, डब्ल्यूएचओ और दुनिया की तमाम अन्य संस्थाओं ने हम लोगों के साथ सहयोगी बनकर इस कार्यक्रम को सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।  

     मुख्यमंत्री  ने कहा कि विषाणु जनित बीमारियां सामान्यतः खुले में शौच, गंदगी व पेयजल से होती हैं। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालय उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त किया, क्योंकि इससे अब बीमारियां फैलने पर काफी नियंत्रण हुआ है। अब जल जीवन मिशन योजना के माध्यम से हर घर नल योजना क्रियान्वित की गई है। गांवों में सामुदायिक शौचालय बन रहे हैं, जिसमें गांव की ही महिला को रोजगार दिया जा रहा है। व्यापक स्तर पर स्वच्छता के कार्य हुए हैं। बीमारी के उपचार से महत्वपूर्ण बचाव है और बचाव के लिए जो भी उपाय हो सकते हैं, उसमें संचारी रोग नियंत्रण का यह कार्यक्रम उस अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।    
     
  मुख्यमंत्री ने कहा कि आरोग्य मेले में अनेक प्रकार की जांचें होती हैं। सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में सभी विशेषज्ञ चिकित्सकगण आते हैं। यहां पर स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार कल्याण के बारे में, पोषण और स्वास्थ्य की जागरूकता के बारे में भी अनेक प्रकार के कार्यक्रम संचालित होते हैं। आयुष्मान भारत के माध्यम से 5 लाख रुपये तक चिकित्सा लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इसमें गोल्डन कार्ड बनवाने के साथ ही अन्य जरूरी जानकारी नागरिकों को दी जाती है। मिशन इंद्रधनुष, खुशहाल परिवार दिवस, मातृत्व वंदना दिवस से जुड़कर महिलाओं, बच्चों, परिवार को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
  

 इस अवसर पर मुख्यमंत्री  ने  मीरा,  संगीता,  अनुज, सुनील व श जयप्रकाश को अपने हाथों गोल्डन कार्ड वितरित किए।   स्वास्थ्य राज्य मंत्री अतुल गर्ग ने मुख्यमंत्री  का स्वागत किया तथा अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य  अमित मोहन प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापित किया। 
 

इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री  अनिल राजभर, जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।


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