डीआईजी बताए कौन है वीआईपी?

ShahTimesNews
Image Credit: ShahTimesNews

  • चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड प्रकरण 
  • डीआईजी बताए कौन है वीआईपी? 
  • हत्याकांड की शुरुआत और अब अंत भी वीआईपी
  • कत्ल में न उत्पीड़न की धारा का पता और न ही गैंगस्टर का


शाह टाइम्स संवाददाता
ऋषिकेश।
अंकिता हत्याकांड में एसआईटी की प्रभारी डीआईजी पी रेणुका देवी का दावा है कि अभीतक के मौजूदा साक्ष्यों की तस्दीक कर ली गई है। लिहाजा, अब पूरी तफ्तीश वीआईपी एंगल पर आगे बढ़ रही है, लेकिन डीआईजी यह बताने को तैयार नहीं हैं कि आखिर वह वीआईपी आखिर है कौन? इतना जरूर बताया है कि हत्यारोपी पुलकित की रिजॉर्ट में प्रेजिडेंशियल स्वीट था, जिसमें ठहरने वालों को ही वीआईपी कहा जाता था, मगर हत्याकांड से ठीक पहले वहां ठहरने वाला वीआईपी कौन था, इसपर एसआईटी चुप्पी साधे है।


देशभर में चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में आरोपियों को फांसी के तख्ते तक पहुंचाने की मांग लगातार जारी है, जिसमें पहले सूबे के लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया और इसके बाद दो अक्टूबर को राज्य बंद किया गया। यह बंद राज्य के पहाड़ी इलाकों में पूरी तरह से सफल भी नजर आया। हत्याकांड में अभीतक के खुलासे में एसआईटी ने कत्ल की वजह और घटनाक्रम की तस्दीक गवाह के साथ इलैक्ट्रोनिक सबूतों के तहत पुख्ता बताई है। हैरानी की बात यह है कि हत्याकांड के शुरूआती मुकदमे में आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (झूठी सूचना देना) और 120बी (षड़यंत्र रचना) की धारा शामिल है। जबकि, हत्याकांड में अंकिता की उत्पीड़न के साथ ही रिजॉर्ट में ही काम करने वाले कई कर्मचारी के हत्यारोपी पुलकीत की ज्याददती की कहानी सरेआम है। बावजूद, विवेचना में उत्पीड़न की धारा का कहीं कोई पता नहीं है।


सिर्फ इतना ही नहीं, राज्य पुलिस के मुखिया अशोक कुमार ने कुछ दिन पहले यह कहा था कि आरोपियों पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की जाएगी, मगर गैंगस्टर की धारा का कहीं अता-पता नहीं है? हत्याकांड में पुलकीत आर्य और उसके दो साथियों के गिरफ्तारी के बाद पुलिस का भी दावा किया है कि अंकिता पर कस्टमर के साथ अनैतिक संबंध बनाने का दबाव था। पुलिस कस्टडी रिमांड में क्राइम शीन की तस्दीक के साथ डीआईजी पी रेणुका देवी के मुताबिक घटना से संबंधित गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। हत्याकांड की जांच अब वीआईपी एंगल की तरफ बढ़ रही है। बावजूइद, शुरूआत से लेकर आखिर तक वीआईपी के नाम पर एसआईटी की खामोशी सवालों में है।  


बताते चलें कि, यह रिजॉर्ट भाजपा के पूर्व राज्यमंत्री और आरएसएस नेता के साथ संघ में मजबूत पकड़ रखने वाले डा. विनोद आर्य का है। घटनाक्रम सामने आने के बाद न सिर्फ उन्हें, बल्कि मौजूदा सरकार में एक आयोग में उपाध्यक्ष के पद पर काबिज पुलकीत के भाई को भी हटा दिया गया है। इस बाबत एसआईटी का हिस्सा एएसपी कोटद्वार शेखर सुयाल ने बताया कि डीआईजी इस मामले में पहले ही जानकारी साझा कर चुकी हैं, मगर अभीतक एकजेट इसमें कोई मिला नहीं है। होलट (रिजॉर्ट) के एक कमरे को वह सुएट बोलते थे। अभी हम बुकिंग का बाकी हम पता कर रहे हैं, कब और क्या आ रहे हैं। 
 

I think all aspiring and professional writers out there will agree when I say that ‘We are never fully satisfied with our work. We always feel that we can do better and that our best piece is yet to be written’.
View all posts

Leave a Reply