चन्न्नी की लोकप्रियता भुनाएगी कांग्रेस

ShahTimesNews
Image Credit: ShahTimesNews

लगता है कि कांग्रेस पंजाब में दोबारा सत्ता हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री चरण जीत सिंह चन्नी की बढ़ती लोकप्रियता और व्यक्तिगत छवि का फायदा उठाना चाहती है लेकिन  चन्नी भी इसकी भरपूर कीमत वसूलते दिख रहे हैं। चन्नी की इस रणनीति को पंजाब  प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने भांप लिया है और उन्होंने एक तरह से पार्टी हाईकमान को अल्टीमेटम भी दे दिया है। दर असल, चन्नी औरससिद्धू दोनों  चाहते हैं  कि मुख्यमंत्री  के  रूप में  उनका चेहरा सामने रखकर विधान सभा के चुनाव में उतरा जाए।  कांग्रेस  किसी  के नाम पर चुनाव नहीं लड़ना  चाहती है लेकिन चन्नी के दलित चेहरे और सिद्धू की युवाओं में लोकप्रियता का चुनावी लाभ उठाना जरूर चाहती है।
यही कारण है कि पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव के लिए दो सीटों से मैदान में उतार सकती है। पांच राज्यों के साथ पंजाब में आगामी 14 फरवरी को चुनाव होना है। पिछली बार 2017 के चुनाव में चन्नी चमकौर साहिब सीट से लगातार तीसरी बार चुनाव जीते थे। कांग्रेस 12 जनवरी यानी आज पंजाब विधान सभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर सकती है। इस लिस्ट में सीएम चरणजीत सिंह चन्नी का नाम भी हो सकता है। माना जा रहा है कि चन्नी चमकौर साहिब सीट से तो लड़ेंगे ही लेकिन एक दूसरी सीट से उनके लड़ने पर भी विचार किया जा रहा है। कांग्रेस इसके लिए आदमपुर सीट पर विचार कर रही है। आदमपुर सीट जालंधर जिले में पड़ती है। कांग्रेस के एक नेता ने बताया कि इस पर अंतिम फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व और चन्नी खुद करेंगे जबकि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की सहमति भी इस पर होगी। पंजाब में सत्तारूढ़ कांग्रेस की राह इस बार आसान नहीं है। पिछले चुनाव में पार्टी अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में जहां एकजुट थी। सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस को जीतना है तो सीएम का चेहरा घोषित करें। वहीं चन्नी को सिद्धू ने जवाब दिया है कि सीएम का चेहरा कांग्रेस हाईकमान नहीं , जनता चुनेगी। ऐसे में पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 कांग्रेस के लिए भी किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं है।   पंजाब में पत्रकारों ने नवजोत सिंह सिद्धू से सवाल किया था कि पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 में मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा? इस सवाल पर कांग्रेस की पंजाब प्रदेश इकाई के प्रमुख सिद्धू ने कहा कि यह जनता तय करेगी।सिद्धू ने कहा कि जनता विधायकों को चुनती है और राज्य में वही अपना मुख्यमंत्री भी चुनेगी, कांग्रेस आलाकमान नहीं। सिद्धू का यह तल्ख जवाब पत्रकारों के इस सवाल पर आया कि 14 फरवरी को होने वाले मतदान के बाद पंजाब में पार्टी का मुख्यमंत्री पद का चेहरा कौन होगा।सिद्धू ने कहा कि आप लोगों (पत्रकारों) को किसने कह दिया कि पार्टी हाईकमान मुख्यमंत्री बनाएगा? किसने आपको कहा? मेरी बात सुनिए। पंजाब की जनता ने पांच साल पहले भी विधायकों का चयन किया था। पंजाब की जनता ने ही निर्णय किया था कि कौन (नेता) विधायक बनेगा या नहीं और पंजाब की जनता ही कोई एजेंडा होने पर निर्णय करेगी। उन्होंने कहा कि इसलिए अपने मनो-मस्तिष्क में गलतफहमी न पालें। पंजाब के लोग ही विधायक चुनेंगे और राज्य की जनता ही मुख्यमंत्री भी बनाएगी।  ध्यान रहे, इससे पहले चरणजीत सिंह चन्नी ने सीएम कैंडीडेट के सवाल पर कहा था कि कांग्रेस को अगर पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 जीतना है तो उन्हें सीएम का चेहरा घोषित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के चेहरे पर लड़ा था। उन्होंने  जोर देकर कहा कि जब कांग्रेस सीएम फेस के साथ लड़ती है तो चुनाव में जीतती है।
बहरहाल, कैप्टन अमरिंदर सिंह के बाद पंजाब की जिम्मेदारी संभालने वाले मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी दो सीटों से विधानसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं। 
पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने चमकौर साहब और आदमपुर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है। वहीं, पंजाब कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर अब भी सस्पेंस बरकरार है। पार्टी में एक खेमा ऐसा भी है कि वह सिद्धू को कैप्टन के खिलाफ चुनावी मैदान में देखना चाहते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए कैंपेन और मेनिफेस्टो कमिटी को मंजूरी दे दी है। कैंपेन कमिटी की जिम्मेदारी प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़
को दी गई है, जबकि राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा मेनिफेस्टो कमेटी की अगुवाई करेंगे।  चुनाव के समय सावधानियां भी बरतनी हैं क्योंकि कोरोना का ओमिक्रान वेरियंट बहुत तेजी से फैलने लगा है। चुनाव आयोग ने भी इस संदर्भ में प्रतिबंध लगा रखे हैं। पंजाब  में  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान बठिंडा में अवरोध के मामले को भी भाजपा भुना रही है। इसलिए कांग्रेस को चुनाव की बेहतर रणनीति बनाना जरूरी हो गया है। पंजाब में चमकौर साहिब और आदमपुर दोनों सीटें सुरक्षित हैं। चन्नी पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री हैं। वे पिछले साल 18 सितंबर को कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री बने थे।राजनीतिक जानकारों के अनुसार पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने कांग्रेस पार्टी की मुश्किलों को और ज्यादा बढ़ा दिया है। कांग्रेस पार्टी 2022 का पंजाब विधानसभा चुनाव सीएम के चेहरे का एलान किए बिना ही लड़ना चाहती है लेकिन चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी को सीएम पद का उम्मीदवार जरूर घोषित करना चाहिए।चरणजीत सिंह चन्नी ने दावा किया है कि सीएम उम्मीदवार घोषित नहीं करने की स्थिति में कांग्रेस को बुरा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। पंजाब के सीएम ने कहा, जब भी कांग्रेस ने सीएम का उम्मीदवार घोषित किए बिना चुनाव लड़ा है तब उसे हार का सामना करना पड़ा है। 

~अशोक त्रिपाठी

Shah Times is a Daily Newspaper & Website brings the Latest News & Breaking News Headlines from India & around the World. Read Latest News Today on Sports, Business, Health & Fitness, Bollywood & Entertainment, Blogs & Opinions from leading columnists.
View all posts

Leave a Reply