गैरसैंण बनेगा पहाड़ के विकास की लाइफ लाइनः भगत

ShahTimesNews
Image Credit: ShahTimesNews

 

  • गैरसैंण बनेगा पहाड़ के विकास की लाइफ लाइनः भगत
  • पूर्व सीएम हरीश रावत के बयान पर किया पलटवार 
  • पहली बार पलायन आयोग का गठन किया गया
  • रिवर्स पलायन भी पहली बार हुआ
  • गैरसैंण के विकास को सरकार कर रही कई महत्वपूर्ण काम


शाह टाइम्स संवाददाता
देहरादून।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा की गैरसैंण पहाड़ के विकास की लाइफ लाइन साबित होगी। पूर्व सीएम हरीश रावत के पलायन के सम्बन्ध में दिए बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में पहली बार पलायन आयोग का गठन किया गया तो पहली बार रिवर्स पलायन भी हुआ है। भगत ने  कहा कि गैरसैंण के सम्पूर्ण विकास के लिए आगामी 10 वर्षो के लिए 25 हजार करोड़ की योजना बनाई गई है और इससे सभी वर्ग के लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि गैरसैंण में पेयजल के लिए 100 करोड़,सचिवालय भवन निर्माण के लिए 100 करोड़, कर्मचारी आवासीय भवनों के लिए साढ़े 4 करोड़ स्वीकृत किये गए है।


उन्होंने कहा कि इसके अलावा गैरसैंण के विकास के लिए सड़को का चैड़ीकरण किया जा रहा है। कर्णप्रयाग तक रेलवे लाइन पर कार्य प्रगति पर है और इसे गैरसैंण तक पहुचाने के लिए कंर्णप्रयाग से बागेश्वर तक रेल लाइन सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया है। वही गौचर हवाई पट्टी को अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि भाजपा ने गैरसैंण में राजधानी बनाने का फैसला इसी उद्देश्य से किया कि विकास पहाड़ के अंतिम व्यक्ति तक पहुचे। राजधानी पर कांग्रेस का ढुलमुल रवैया रहा लेकिन भाजपा अपने वायदे के अनुसार कार्य करती रही है।

भगत ने हरीश रावत से सवाल किया कि वह आज गैरसैंण व राजधानी के मुद्दे को लेकर इतने चिंतित दिख रहे हैं और अनाप-शनाप बयानबाजी करने में लगे हुए है। वो बताएं कि जब उनके पास प्रदेश की कमान थी, तब उन्होंने क्यो नही राजधानी घोषित की। भगत ने कहा कि गैरसैंण से पलायन नही बल्कि रिवर्स पलायन होगा। केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार रोजगार, शिक्षा तथा स्वास्थ्य के लिए लगातार आगे बढ़ रही है और पर्वतीय इलाके में लगातार संसाधनों में बृद्धि हो रही है। भाजपा राज्य गठन के औचित्य को सार्थक करने में जुटी है।
 

I think all aspiring and professional writers out there will agree when I say that ‘We are never fully satisfied with our work. We always feel that we can do better and that our best piece is yet to be written’.
View all posts

Leave a Reply