भारी हंगामें के बाद बंशीधर भगत ने मांगी माफी

ShahTimesNews
Image Credit: ShahTimesNews

 

  • भारी हंगामें के बाद बंशीधर भगत ने मांगी माफी
  • प्रदेश की सियासत में बवाल के बाद किया ट्वीट
  • इंदिरा हृदयेश पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी 


शाह टाइम्स संवाददाता
देहरादून।
उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता व नेता प्रतिपक्ष डाॅ. इन्दिरा हृदयेश पर की गई अभद्र टिप्पणी के मामले में चैतरफा बवाल होने व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की और से खेद प्रकट करने के बाद अब माफी मांगी ली है। बंशीधर भगत की ओर से एक कार्यक्रम में इंदिरा को लेकर की गई टिप्पणी के बाद से प्रदेश की सियासत में बवाल मचा हुआ है।


बंशीधर से पहले सीएम ने इस मामले में देर रात ट्वीट कर इंदिरा हृदयेश से क्षमा मांगी थी। इसके बाद बुधवार को दिन में बंशीधर भगत ने ट्वीट कर क्षमा मांगी। उन्होंने लिखा कि ‘‘ इंदिरा हृदयेश प्रदेश की सम्मानित नेता हैं और चुनावी क्षेत्र एक होने के कारण नोकझोंक होना स्वाभाविक है। उन्हें व्यक्तिगत क्षति पहुंचाने का मेरा कोई इरादा नहीं था, अगर उन्हें क्षति पहुंची है तो मैं अपना बयान सम्मान पूर्वक वापस लेता हूं ’’।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने मंगलवार को अपने भीमताल दौरे के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश की उम्र पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इंदिरा ने अपने एक बयान में कहा था कि कुछ भाजपा विधायक उनके संपर्क में हैं। इस पर भगत ने कहा था कि भाजपा का कोई विधायक या मंत्री कांग्रेस के संपर्क में नहीं है। उन्होंने कहा कि कहीं ऐसा न हो कि नेता प्रतिपक्ष अपने बेटे के साथ भाजपा में शामिल हो जाएं लेकिन उनके (भगत के प्रदेश अध्यक्ष) रहते हुए वह भाजपा में शामिल नहीं हो पाएंगी। वायरल हुए एक वीडियो में भगत कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष की उम्र पर आपत्तिजनक टिप्पणी के साथ यह कहते सुनाई दे रहे थे कि वे वृद्ध हैं। डूबते जहाज के संपर्क में कौन आता है?। भगत के इस बयान के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रियाएं आने लग गईं। मामला मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के संज्ञान में आया तो उन्होंने ट्वीट कर भगत के बयान पर दुख जताया और व्यक्तिगत रूप से क्षमा मांगी है।
 

I think all aspiring and professional writers out there will agree when I say that ‘We are never fully satisfied with our work. We always feel that we can do better and that our best piece is yet to be written’.
View all posts

Leave a Reply