बच्चे को विदेश में जन्म देकर तीन वर्ष बाद बनवाया बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र

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रामपुर में मैटरनिटी लीव के नाम पर फर्जीवाड़ा

रजा डिग्री कॉलेज की प्रवक्ता डॉ. जेबी नाज मैटरनिटी लीव पर गईं दुबई, बच्चे को वहीं दिया जन्म, यहां नगर पालिका से बनवा लिया प्रमाणपत्र; कॉलेज से भी छुपाई जानकारी, डीएम ने बैठाई जांच 


उत्तर प्रदेश के रामपुर में डिग्री कॉलेज में प्रवक्ता के जरिए फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। आरोपी प्रवक्ता ने मैटरनिटी लीव के नाम पर दुबई में जाकर न सिर्फ रहीं, बल्कि बच्चे को जन्म भी वहीं दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने मैटरनिटी लीव के दौरान किए गए अपने इस विदेशी दौरे के बारे में जानकारी तक नहीं दिया। दुबई से लौटने के बाद एक फर्जी जन्म प्रमाण पत्र यहां नगर पालिका का भी बनवा लिया। आरोप है कि इस तरह से उन्होंने नागरिकता को लेकर भी फर्जीवाड़ा किया है। फिलहाल, मामले में जांच शुरू कर दी गई है।

जिला रामपुर के डिग्री कालेज में तैनात प्रवक्ता ने मैटरनिटी लीव लेकर कालेज को बिना बताये देश के बाहर गईं और अपने बच्चे को आबुधाबी, दुबई के अस्पताल में जन्म दिया। यही नहीं वापस आकर कागजों में हेरफेर कर बच्चे का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र रामपुर में भी बनवा लिया जिससे दोनों देशों की नागरिकता और दूसरे फायदे बच्चे को हासिल हो सकें। अब बर्थ एण्ड नेशनलिटी फोर्जरी के इस मामले में जिला प्रशासन ने उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है।

डॉ. जेबी नाज राजकीय रजा डिग्री कॉलेज में हैं प्रवक्ता
जिले के राजकीय रजा स्नातकोत्तर महाविघालय में तैनात हिन्दी की प्रवक्ता डॉ. जेबी नाज पत्नी रेहान खां, निवासी मोहल्ला बजरिया झब्बू, थाना कोतवाली, रामपुर ने ड्यूटी से मैटरनिटी लीव लेकर विदेश का दौरा किया। डॉ. जेबी नाज ने कालेज प्रशासन को अपने विदेशी दौरे के बारे में नहीं बताया जबकि सरकारी कर्मचारी को अपने विदेशी दौरे के बारे में ब्योरा देना होता है, खासकर जब वह मातृत्व अवकाश पर हों।

महाविद्यालय से प्राप्त आरटीआई सूचना में पता चला कि जेबी नाज 5 जुलाई वर्ष 2017 से 31 दिसम्बर वर्ष 2017 तक मातृत्व अवकाश पर रहीं। साथ ही विदेश जाने की सूचना होने से महाविद्यालय ने इनकार किया।

मैटरनिटी लीव के दौरान दुबई में बच्चे को दिया जन्म
डा.जेबी नाज ने मातृत्व अवकाश के दौरान आबूधाबी दुबई में संतान को जन्म दिया। इस दौरान उनका पूरा परिवार उनके साथ आबूधाबी में मौजूद था। इस मामले की छानबीन कर रहे जिले के गूजर टोला निवासी अब्दुल सलाम खां ने अपने वकील से आरटीआई के माध्यम से नगर पालिका से सूचना के आधार पर जानकारी प्राप्त की कि जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जिले के मशहूर सेवा अस्पताल के बर्थ सर्टिफिकेट को संलग्न किया गया है। इसी कड़ी में सेवा अस्पताल से अपने वकील के माध्यम से किये गये पत्राचार में अस्पताल प्रशासन ने कोई बर्थ सर्टिफिकेट जारी करने से साफ इनकार किया है। न ही कोई डा.जेबी नाज नाम की महिला का अस्पताल प्रशासन ने भर्ती होना कुबूला है। जबकि नगर पालिका में जन्म पंजीकरण के लिए डा जेबी नाज दम्पति द्वारा 12 जून वर्ष 2020 को दिये गये जन्म प्रमाण पत्र आवेदन के लिए अपने आधार कार्ड प्रति के साथ सेवा मैटरनिटी सेन्टर, तोपखाना रोड, रामपुर द्वारा निर्गत जन्म प्रमाण पत्र दिनांक 08-07-2017 की बुनियाद पर ही फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया।

बच्चे के जन्म के तीन साल बाद बनवाया प्रमाण पत्र
नगर पालिका परिषद सदर ने लिखित में जानकारी दी है कि जन्म प्रमाण पत्र संबंधित क्षेत्रीय सफाई एवं खाद्य निरीक्षक द्वारा आवेदन पत्र के साथ संलग्न अभिलेखों तथा आवेदक से पूछताछ के बाद कार्यालय में जांच आख्या प्रेषित की गई। इन समस्त अभिलेखों एवं जांच आख्या के आधार पर ही नगर पालिका परिषद सदर द्वारा रूशदा रेहान खान पुत्री मो. रेहान खां, माता डा जेबी नाज निवासी मोहल्ला बजरिया झब्बू, रामपुर का जन्म प्रमाण पंजीकरण संख्या बी2020 : 9-90066-1484 पंजीकरण दिनांक 16-6-2020 निर्गत किया गया है। बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र फर्जीवाड़ा करके तथा बच्चे के जन्म के तीन साल बाद बनवाया गया।

सेवा अस्पताल ने डॉ. जेबी नाज के भर्ती होने से किया इनकार
सेवा अस्पताल के संचालक एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता डा.तनवीर अहमद से बात हुई तो उन्होंने बताया कि इस मामले में उनके पास आईबी के लोग भी पूछताछ करने आये थे, उनके पास पूरे पांच साल के रिकॉर्ड रखे जाते हैं जिसमें किसी डा बेबी नाज नाम की महिला न तो अस्पताल में भर्ती हुईं हैं न ही अस्पताल की ओर से इस नाम का जन्म प्रमाण पत्र जारी किया गया है।

मीडिया से बात करने से कतरा रहा परिवार व खुद जेबी नाज
इस मामले में डा जेबी नाज से सम्पर्क करने की कोशिश की गई तो वह न तो डिग्री कालेज में मिलीं न ही अपने आवास पर मिलीं। बल्कि उनके परिजनों ने भी मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया। इस मामले की छानबीन कर रहे अब्दुल सलाम खां ने शिकायत 2 मार्च 2021 को जिलाधिकारी से पत्राचार के माध्यम से की, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं होने के चलते दोबारा अब्दुल सलाम खां ने जिलाधिकारी से इसकी लिखित शिकायत पत्राचार के माध्यम से की। लेकिन कुछ नहीं हुआ। उच्चाधिकारियों से शिकायत करने पर स्थानीय एजेन्सियां एक्टिव हुईं लेकिन कोई हल नहीं निकला।

डीएम ने जांच के दिए आदेश
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ द्वारा इस मामले में जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के आदेश दिये गये हैं। नगर मजिस्टे्रट रामजी मिश्र ने आवश्यक कार्यवाही के लिए नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया है। रामजी मिश्र ने लिखित में जांच आख्या प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिये हैं।

वहीं नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी इन्दु शेखर मिश्रा ने बताया कि पत्रावलियों की जांच की जा रही है। संबंधित लोगों को दो नोटिस भेजे जा चुके हैं साथ ही तीसरा नोटिस भेजा जा रहा है। उचित जवाब नहीं मिलने पर कानूनी प्रक्रिया के तहत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

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