ऑस्ट्रेलिया ने पहला वनडे 66 रन से जीता:289 दिन बाद मैच खेलने उतरी टीम इंडिया, कोहली का सिडनी में खराब प्रदर्शन

ShahTimesNews
Image Credit: ShahTimesNews

ऑस्ट्रेलिया ने 3 वनडे की सीरीज के पहले मैच में टीम इंडिया को 66 रन से हरा दिया। भारतीय टीम 289 दिन बाद कोरोना के बीच अपना पहला वनडे खेलने उतरी थी। इससे पहले टीम इंडिया ने 11 फरवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ माउंट माउनगुई में वनडे खेला था, जिसमें उसे 5 विकेट से हार मिली थी। भारत की यह लगातार चौथी हार है। इससे पहले टीम इंडिया फरवरी में न्यूजीलैंड में 3 वनडे मैच की सीरीज के सभी मैच हार गई थी।

वहीं, टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली का सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खराब फॉर्म जारी है। उन्होंने अब तक इस मैदान पर खेले 6 मैच में 57 रन बनाए हैं। मौजूदा मैच में उन्होंने 21 रन बनाए। इससे पहले उन्होंने 5 मैच में 21 रन, 3, 1, 8 और 3 रन बनाए थे।

धवन-हार्दिक की फिफ्टी
ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 375 रन का टारगेट दिया था। इसके जवाब में भारतीय टीम 8 विकेट गंवाकर 308 रन ही बना सकी। हार्दिक पंड्या ने सबसे ज्यादा 90 और शिखर धवन ने 74 रन की पारी खेली। यह धवन की वनडे में 30वीं और पंड्या की 5वीं फिफ्टी रही।

टीम ने 48 रन बनाने में 4 विकेट गंवाए
भारतीय टीम को शिखर धवन और मयंक अग्रवाल ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच 53 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप हुई। इसके बाद टीम ने अगले 48 रन बनाने में 4 विकेट गंवा दिए। मिडिल ऑर्डर पूरी तरह फ्लॉप रहा। फिर धवन ने हार्दिक पंड्या के साथ 5वें विकेट के लिए 128 रन की पार्टनरशिप कर पारी को संभाला, लेकिन जीत नहीं दिला सके।

जम्पा ने 4 विकेट लेकर भारतीय टीम ढहाई
स्पिनर एडम जम्पा ने 4 विकेट लिए। उन्होंने रविंद्र जडेजा (25), हार्दिक पंड्या और शिखर धवन को मिचेल स्टार्क के हाथों कैच आउट कराया। इससे पहले लोकेश राहुल 12 रन बनाकर आउट हुए। जम्पा की बॉल पर उनका कैच स्टीव स्मिथ ने लिया।

हेजलवुड ने भारत को शुरुआती 3 झटके दिए
भारत को शुरुआती तीनों झटके जोश हेजलवुड ने दिए। श्रेयस अय्यर (2) हेजलवुड की बॉल पर विकेटकीपर एलेक्स कैरी के हाथों कैच आउट हुए। हेजलवुड ने कप्तान कोहली (21) को मार्कस स्टोइनिस के हाथों कैच आउट कराया। इससे पहले मयंक (22) को ग्लेन मैक्सवेल के हाथों कैच आउट कराया।

Tags:

I think all aspiring and professional writers out there will agree when I say that ‘We are never fully satisfied with our work. We always feel that we can do better and that our best piece is yet to be written’.
View all posts

Leave a Reply