अरविंद केजरीवाल का धर्म व राष्ट्रभक्ति पर दांव

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अरविन्द केजरीवाल भी अब राजनीति को पूरी तरह समझ गये हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे के मंच पर बांहें उठाकर नारे लगाने वाले केजरीवाल चुनावी राजनीति को भ्रष्टाचार से ज्यादा प्राथमिकता देते हैं। उन्हें पता है कि अब भ्रष्टाचार पर बात करके चुनाव नहीं जीता जा सकता। भाजपा ने उनकी सोच को और परिपक्व कर दिया है। दिल्ली के बाद अरविन्द केजरीवाल ने उत्तराखण्ड पर विशेष फोकस किया है क्योंकि वहां योगी आदित्यनाथ जैसी कोई मुख्यमंत्री नहीं है। उत्तराखण्ड की देवभूमि को महत्व देते हुए केजरीवाल कहते हैं कि यह देश की अध्यात्मिक राजधानी बनायी जाएगी। इसी तरह उत्तराखण्ड के सैन्य भूमि होने को भी वह महत्व देते हैं। भूतपूर्व सैनिकों से यह राज्य भरा है। इसीलिए केजरीवाल ने कर्नल अजय कोठियाल को मुख्यमंत्री का चेहरा भी घोषित कर दिया है।

 

पिछले महीने जुलाई में जब अरविन्द केजरीवाल देहरादून गये थे, तब कर्नल अजय कोठियाल को सीएम फेस बनाये जाने की बात कई बार दोहराई थी और कार्यकर्ताओं मंे गजब का जोश भी देखने को मिला था।

 

आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कर्नल अजय कोठियाल  को उत्तराखंड में पार्टी का मुख्यमंत्री चेहरा बनाने की घोषणा की। हालांकि केजरीवाल की घोषणा से पहले ही यह संकेत मिले थे कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी  का सीएम चेहरा कर्नल कोठियाल ही होंगे। कोई तीन दशक की सेवा करने के बाद एक साल पहले इंडियन आर्मी  से वीआरएस  लेने वाले कर्नल अजय कोठियाल, केदारनाथ में वर्ष 2013 में आई भीषण आपदा के बाद वहां पुनर्निर्माण करवाने के लिए सुर्खियों में आए थे। उस वक्त राज्य के मुख्यमंत्री रहे हरीश रावत ने हाल ही में नौ अगस्त को अपनी फेसबुक पोस्ट में कर्नल कोठियाल के काम के लिए उनकी तारीफ की। यूं तो उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में एंट्री की थी लेकिन इसके बाद पार्टी ने अपने हाथ खींच लिये। कोई एक साल पहले आप को लगने लगा कि उत्तराखंड का दिल्ली कनेक्शन उसके लिए जादू की छड़ी साबित हो सकता है। ऐसे में पार्टी ने उत्तराखंड में दिलचस्पी लेनी शुरू की। उसको एक ऐसे चेहरे की तलाश थी जो वोटरों के लिए साफ-सुथरा हो और जिसके दम पर चुनाव लड़ा जा सके। यहां पर पार्टी की खोज खत्म हुई कर्नल अजय कोठियाल पर, जो बर्मा  में एक रोड प्रोजेक्ट को पूरा करने में जुटे थे। उत्तराखंड में छह महीने से भी कम समय में विधानसभा चुनाव होने हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 57 सीटें मिली थीं लेकिन इस वर्ष मार्च के बाद पार्टी ने अपने दो मुख्यमंत्री हटाकर पुष्कर सिंह धामी को कमान सौंपी है। राज्य बीजेपी के नेता मानते हैं कि सत्ताधारी पार्टी को चुनाव में सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ता है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी इसी लहर के भरोसे हैं।

 

 

हालांकि कांग्रेस की स्थिति बीजेपी से अलग नहीं है। पार्टी के अंदरूनी झगड़े निपटने का नाम नहीं ले रहे हैं। इस बीच कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को चुनाव अभियान समिति की कमान सौंपकर, उन्हें अपना ‘पोस्टर बॉय’ बनाया है।

 

वहीं, कर्नल कोठियाल को आम आदमी पार्टी अपना चेहरा प्रोजेक्ट कर चुकी है। ऐसे में निगाहें अब सत्ताधारी दल की तरफ है। आने वाले चुनाव में बीजेपी का चेहरा कौन होगा? इसको लेकर पार्टी ने अभी अपने पत्ते खोले नहीं हैं लेकिन चेहरों की लड़ाई में आम आदमी पार्टी ने दिलचस्प तस्वीर जरूर बना दी है। आप के लिए उत्तराखंड में खोने को कुछ नहीं, मगर पाने के लिए सब कुछ है। कर्नल अजय कोठियाल को सीएम चेहरा प्रोजेक्ट करने के बहाने आप ने एक तीर से दो शिकार किए हैं। उत्तराखंड के तकरीबन हर तीसरे या चौथे परिवार में से किसी ना किसी का संबंध फौज से रहा है। आम आदमी पार्टी की नजर ऐसे परिवारों पर है जो अमूमन बीजेपी समर्थक रहे हैं। हालांकि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक का कहना था कि आप का बीजेपी समर्थकों पर कोई प्रभाव नहीं होने जा रहा। अगर कुछ नुकसान भी होगा तो वो होगा कांग्रेस का। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत सीधे तौर पर कर्नल कोठियाल पर हमला करने से बच रहे हैं लेकिन वो यह जरूर कहते हैं कि आप दिल्ली के कनॉट प्लेस से टहलते-टहलते उत्तराखंड की तरफ आ गई है।

 

 वर्ष 1999 में पाकिस्तान के साथ करगिल में हुई लड़ाई में भारतीय सेना की तरफ से लड़ चुके कर्नल कोठियाल राजनीति में जुझारू नेतृत्वकर्ता के रूप में जाने जाते हैं। पार्टी की तरफ से सीएम कैंडिडेट के तौर पर अपने नाम की घोषणा के बाद कर्नल कोठियाल ने कहा कि उन्हें राजनीति नहीं आती, लेकिन चुनौतियों से जूझना आता है। विधानसभा चुनाव में बतौर सीएम कैंडिडेट उतारे जाने को लेकर उन्होंने पार्टी और अरविंद केजरीवाल का आभार जताया।

 

मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले कर्नल अजय कोठियाल को भारतीय सेना में उनके कार्य के लिए कई सम्मान से नवाजा जा चुका है। कर्नल कोठियाल का जन्म 26 फरवरी 1969 को उत्तराखंड के टिहरी में हुआ था। उनकी शुरुआती शिक्षा देहरादून के सेंट जोसेफ स्कूल में हुई है। कोठियाल के पिता भी भारतीय सेना में थे, इसलिए बचपन से ही उन्हें सैन्य-जीवन का अनुभव रहा है। पिता का जहां भी ट्रांसफर होता, परिवार साथ रहता। ऐसे में अजय कोठियाल भी देश के अलग-अलग जगहों पर रह चुके हैं। सैन्य जीवन को करीब से देखने वाले कर्नल कोठियाल को बचपन से ही इंडियन आर्मी में जाने का शौक था। वर्ष 1992 में वे सेना में अधिकारी के तौर पर शामिल हुए। चैथी गढ़वाल रेजिमेंट में बतौर सैन्य अफसर उन्होंने अपना करियर शुरू किया। कर्नल कोठियाल के बारे में एक रोचक तथ्य यह है कि उन्होंने शादी नहीं की है। देश की सीमाओं की रक्षा के दौरान कोठियाल के कारनामों की लंबी फेहरिस्त है। एक मुठभेड़ के दौरान कर्नल कोठियाल ने 7 आतंकियों को मार गिराया था। इस ऑपरेशन में उन्हें दो गोलियां भी लगी थीं। कर्नल अजय कोठियाल को सेना में उनके कार्यों के लिए की सम्मानों से नवाजा जा चुका है।

 

उनके साहस और वीरता के लिए भारत सरकार ने उन्हें कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र और विशिष्ट सेवा मेडल सम्मान दिया है। वर्ष 1999 में पाकिस्तान के साथ करगिल में हुई लड़ाई के दौरान वे सेना में बतौर कैप्टन तैनात थे। कर्नल कोठियाल को पर्वतारोहण का भी शौक है। वह भारत और नेपाल की कई चोटियों पर जा चुके हैं। 

 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उत्तराखंड की राजधानी देहरादून पहुंचे। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ कर्नल अजय कोठियाल को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की घोषणा की है बल्कि शहर की सड़कों पर अपना दम भी दिखाया। देहरादून में रोड शो के दौरान काफी संख्या में लोग मौजूद थे। केजरीवाल ने रोड शो के दौरान कर्नल अजय कोठियाल को सीएम फेस बनाए जाने की बात को कई बार दोहराया। इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने कर्नल अजय कोठियाल को आम आदमी पार्टी का मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाने का ऐलान करते हुए कहा कि ये वो शख्स हैं जिन्होंने फौज में रहकर देश सेवा की। जान की बाजी लगाकर पाकिस्तान और आतंकवादियों का सामना किया। उत्तराखंड के लोगों को ऐसे देशभक्त की जरूरत है।

इसके अलावा केजरीवाल ने कहा कि उत्तराखंड को दुनिया के हिंदुओं की आध्यात्मिक राजधानी बनाएंगे। उससे 10 गुना अधिक लोग दर्शन करने आएंगे। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा। दिल्ली देश की प्रशासनिक राजधानी होगी, उत्तराखंड दुनिया के हिंदुओं की आध्यात्मिक राजधानी होगी। 

~अशोक त्रिपाठी

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