अखिलेश यादव की राजनीतिक दूरदर्शिता की कमी का उदाहरण ‘गुड्डू जमाली’ फैक्टर

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लखनऊ उत्तर प्रदेश की लोकसभा सीट आजमगढ़ उपचुनाव में बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) के गुड्डू जमाली का प्रदर्शन देख सभी हैरान है। आजमगढ़ में बसपा उम्मीदवार शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली तीसरे स्थान पर रहे।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' 3.12 लाख वोट पाकर विजयी रहे। जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) उम्मीदवार धर्मेद्र यादव 3.04 लाख वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, वहीं जमाली 2.66 लाख वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे।

जमाली के वोट शेयर ने सपा की हार सुनिश्चित की। साथ ही यह भी साबित किया कि वह आजमगढ़ में बड़ी संख्या में वोट खींचने वालों में से एक हैं।

जमाली फैक्टर को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की राजनीतिक दूरदर्शिता की कमी का उदाहरण बताया जा रहा है।

सूत्रों की मानें तो इस साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव के दौरान अखिलेश ने जमाली का 'अपमान' किया था।

पिछले साल नवंबर में बसपा छोड़ने के बाद गुड्डू जमाली ने अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। कहा जाता है कि इस दौरान अखिलेश ने उनसे वादा किया था कि उन्हें विधानसभा चुनाव में आजमगढ़ से टिकट दिया जाएगा।

समाजवादी पार्टी के एक नेता ने सोमवार को बताया कि गुड्डू जमाली ने अखिलेश यादव से मिलने की कई बार कोशिश की, लेकिन सपा अध्यक्ष ने उन्हें मिलने का समय नहीं दिया। नाराज जमाली एआईएमआईएम में शामिल हो गए और उसी पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा। उन्हें मुबारक विधानसभा क्षेत्र से 36,000 से अधिक वोट मिले।

बसपा अध्यक्ष मायावती ने गुड्डू जमाली को वापस बुलाने के लिए उनके सामने उपचुनाव में आजमगढ़ का टिकट देने की पेशकश की।

मायावती का इरादा स्पष्ट रूप से सपा को हराने और मुसलमानों के बीच खोई हुई जमीन को फिर से हासिल करने का था। वहीं जमाली भी अखिलेश के कारण हुए अपमान का बदला लेना चाहते थे।

तीसरे स्थान पर रहने के बावजूद गुड्डू जमाली को इन उपचुनावों का 'विजेता' कहा जा सकता है। उन्हें अब राज्य के सबसे लोकप्रिय मुस्लिम नेताओं में गिना जा रहा है।

सूत्रों की मानें तो 2024 के लोकसभा चुनाव में अन्य विपक्षी दल पहले से ही गुड्डू जमाली पर नजर रखने और उन्हें अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं।

गुड्डू जमाली ने कैलिफोर्निया के न्यू पोर्ट यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री हासिल की है और वह राज्य के सबसे अमीर उम्मीदवारों में से एक है।

नामांकन के लिए दाखिल हलफनामे में दिए गए ब्योरे के मुताबिक, गुड्डू जमाली के पास 162 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है, जबकि उनकी पत्नी शाहीन की चल-अचल संपत्ति 31 करोड़ रुपये है।

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