कार्रवाई ! श्रीदेव सुमन विवि में एक्सट्रा प्रवेश पर घिरे वीसी, शासन ने तलब की रिपोर्ट 

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कार्रवाई ! श्रीदेव सुमन विवि में एक्सट्रा प्रवेश पर घिरे वीसी, शासन ने तलब की रिपोर्ट 
‘शाह टाइम्स’ में खुलासे के बाद सरकार ने सख्त किए तेवर
शासन में खुल गई करतूत-कारनामे की फ़ाइल, कॉलेज-विवि प्रशासन में मिलीभगत का शक 


चेतन गुरुंग 
देहरादून।
श्रीदेव सुमन विवि से सम्बद्ध निजी कॉलेजों में 700 सीटों पर अवैध रूप से प्रवेश और फिर उनके इम्तिहान भी करा दिए जाने का खुलासा होने के बाद शुक्रवार को कुलपति पीताम्बर ध्यानी ने शासन को अपनी प्रारम्भिक रिपोर्ट सौंप दी। मुख्य सचिव डॉ. सुखबीर सिंह संधु इस मामले को खुद भी विशेष रूप से देख रहे हैं।  
धांधली को ढंके-छुपे ढंग से मामले को दबाने की कोशिश चल रही थी, लेकिन इस संगीन धांधली के सामने आते ही मुख्य सचिव डॉ. सुखबीर ने आज तूफानी अंदाज दिखाया। उन्होंने तत्काल रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए। विवि और कॉलेज के बीच संदिग्ध रूप से चल रही धांधली की फाइल शासन में खोल आज खोल दी गई। कुलपति ने सरकार को दी रिपोर्ट में कहा कि उन्होंने आरोपों की आंतरिक जांच बिठा दी है। ‘शाह टाइम्स’ ने गुरुवार को श्रीदेव सुमन विवि के इस धांधली को ले कर अपनाए जा रहे नरम-उदार रुख और कॉलेजों के खेल को जग जाहिर कर दिया था। विवि प्रशासन पर अंगुली उठ रही है कि आखिर उसने अब तक इतने बड़े और गंभीर मामले में कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। ये मुमकिन लग रहा है कि इसकी शासन स्तर के साथ ही एसआईटी जांच भी कराई जा सकती है। सीएम पुष्कर सिंह धामी तक ये मामला चला गया है। वह इस मामले को ले के बहुत खफा बताए जा रहे हैं। 


सूत्रों के अनुसार उनके ईरादे भाँप के ही शासन के आला अफसरों ने विवि की चूड़ी ढंग से कसना शुरू कर दिया है। एचएनबी गढ़वाल विवि ने भी ऐसे ही मामले को अंजाम दिया था। सीबीआई ने अब उस वक्त के कुलपति और कई अन्य को अपने चंगुल में ले लिया है। पुष्कर सरकार एसआईटी जांच तो करा ही सकती है। विधानसभा चुनाव से पहले वह इस तरह के गुड वर्क को अपने खाते में जरूर डालना चाहेगी। उच्च शिक्षा के सचिव दीपेंद्र चौधरी ने ‘शाह टाइम्स’ के पूछे जाने पर कहा कि शासन को कुलपति की रिपोर्ट मिल गई है। ये भी विचार चल रहा कि विभागीय स्तर पर जांच कराई जाए। 


उन्होंने कहा कि शासन के पास अभी तक कोई शिकायत इस मामले में कहीं से नहीं आई थी। न कॉलेज ने और न ही किसी छात्र-छात्रा ने कोई प्रत्यावेदन अपने इम्तिहान के नतीजे रोके जाने और तय सीट से अधिक प्रवेश कॉलेजों में किए जाने पर दिया था। आज शासन ने स्वतः संज्ञान ले के कुलपति से रिपोर्ट तलब की। कुलपति ने बताया कि उन्होंने भी आज ही इस मामले की आंतरिक जांच बिठा दी है। इसकी रिपोर्ट वह राज भवन और शासन को भी सौंपेंगे। उच्च शिक्षा महकमे के सचिव ने भी अपनी रिपोर्ट इस मामले में मुख्य सचिव को सौंप दी है। ये तय है कि इस मामले में शासन के कठोर रुख को देखते हुए आने वाले दिनों में विवि पर तगड़ी बिजली गिर सकती है। 


शासन सिर्फ उन छात्र-छात्राओं को राहत देने को तैयार है, जिन्होंने अनजाने में एक्सट्रा सीटों पर प्रवेश लिया। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का मानना है कि बच्चों की इसमें कोई गलती नहीं। उनके रिजल्ट घोषित कर दिए जाएंगे। इन छात्र-छात्राओं के रिजल्ट 4 महीने गुजर जाने के बावजूद विवि के परीक्षा विभाग ने धांधली मिलने पर रोक दिया है। अंदरखाने की खबर के मुताबिक परीक्षा महकमे पर नतीजे घोषित करने का दबाव डाला जा रहा था। धांधली देखते हुए परीक्षा महकमे ने शासन के निर्देश के बगैर ऐसा करने से इन्कार किया हुआ है। 


जिन कॉलेजों के नाम इस कांड में सुर्खियों में आए, उनमें चमनलाल (मंगलोर रोड, हरिद्वार), हरीओम सरस्वती (धनौरी, हरिद्वार), विद्या विकासनी (नारसन,रूड़की),आशादेवी (भोगपुर, हरिद्वार),राघोमल ओमप्रकाश गोयल (रूड़की),स्वामी विवेकानंद (रूड़की),डीडी कॉलेज (निम्बुवाला गढ़ी कैंट, देहरादून),एपेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट और टेक्नॉलॉजी, रूबराज इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज़,फोनिक्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट (रूड़की),भारतीय महाविद्यालय (रूड़की),सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एवं टेक्नॉलॉजी (रूड़की),हरीश चन्द्र रामकली (लक्सर, हरिद्वार) और एचईसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स (जगजीतपुर,हरिद्वार) शामिल हैं। 

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