जीडीपी में 24 साल की सबसे बड़ी गिरावट

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए लगाए गए लाॅकडाउन के कारण अप्रैल से जून के दौरान चालू वित्त वर्ष की तिमाही मंे देश का सकल घरेलू उत्पाद ;जीडीपीद्ध वृ(ि दर शून्य से 23.9 प्रतिशत नीचे लुढ़क गया। वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था में 24 साल में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा सोमवार को यहां जारी जीडीपी के तिमाही आंकड़ांे के अनुसार पिछले वित्त वर्ष की समान अवध् िमंे यह दर 5.2 प्रतिशत रही थी। लाॅकडाउन के कारण देश मंे आर्थिक गतिविध्यिां पूरी तरह से बंद हो गई थीं। मार्च के अंतिम सप्ताह से लेकर मई मध्य तक पूरे देश मंे पूर्णबंदी रही थी।  चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही मंे देश की जीडीपी 26,89,556 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवध् िके 35,35,267 करोड़ रुपये की तुलना मंे 23.9 प्रतिशत कम है। इस तरह से देश के जीडीपी की वृ(ि दर शून्य से 23.9 प्रतिशत नीचे रही है। आध्किारिक बयान मंे कहा गया है कि पहली तिमाही का अनुमान जून 2020 मंे समाप्त रबी सीजन के कृषि उत्पादन पर आधरित है। इसमंे औद्योगिक उत्पादन सूचकांक, केंद्र सरकार के मासिक आय व्यय, राज्य सरकारांे के आय व्यय  के साथ ही रेलवे, सड़क , वायु और जल परिवहन जैसे क्षेत्रा, संचार, बंैकिंग एवं बीमा आदि के आंकड़े शामिल किए गए हंै। पहली तिमाही मंे व्यावसायिक वाहनांे की बिक्री मंे 84.8 प्रतिशत, हवाई अड्डांे पर यात्राी संचालन मंे 94.1 प्रतिशत, यात्राी प्रति किलोमीटर यात्रा मंे 99.5 प्रतिशत, स्टील उपभोग मंे 56.8 प्रतिशत, हवाई अड्डांे पर माल परिवहन 57.2 प्रतिशत, सीमंेट उत्पादन मंे 38.3 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। पहली तिमाही मंे विनिर्माण गतिविध्यिांे मंे 39.3 प्रतिशत, निर्माण मंे 50.3 प्रतिशत, ट्रेंड होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण से जुड़ी सेवाओं मंे 47 प्रतिशत, खान एवं खनन गतिविध्यिांे मंे 23.3 प्रतिशत, लोक प्रशासन, रक्षा और अन्य सेवाओं मंे 10.3 प्रतिशत, बिजली, गैस, जलापूर्ति और अन्य यूटिलिटी सेवाओं मंे सात प्रतिशत  और वित्त, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवाओं मंे 5.3  प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। ये सभी समूह शून्य से नीचे रहे हंै।

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