दिल्ली में भीषण गर्मी के बावजूद मतदान 54.31 फीसदी

निर्वाचन आयोग से जारी प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का मतदान का 54.31 फीसदी रहा। सबसे अधिक 58.30 फीसद मतदान उत्तर-पूर्व दिल्ली में दर्ज किया गया जबकि नई दिल्ली में सबसे कम 51.05 प्रतिशत वोट डाले गये।

नई दिल्ली (Shah Times)राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सातों संसदीय सीट पर लोक सभा चुनाव के छठें चरण में शनिवार को भारी गर्मी के बावजूद वोटरों में उत्साह रहा और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुये मतदान 54.31 फीसद मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया।मतदान के दौरान तेज धूप और गर्मी के बीच लोगों में भारी उत्साह देखा गया।निर्वाचन आयोग की ओर से जारी प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र-दिल्ली का मतदान का प्रतिशत 54.31 रहा।

सबसे अधिक 58.30 प्रतिशत मतदान उत्तर-पूर्व दिल्ली में दर्ज किया गया जबकि नयी दिल्ली में सबसे कम 51.05 प्रतिशत वोट डाले गये।चांदनी चौक क्षेत्र में 53.27 प्रतिशत, पूर्वी दिल्ली में 54.37 प्रतिशत ,उत्तर पश्चिम दिल्ली में 53.81 प्रतिशत, दक्षिण दिल्ली में 52.83 प्रतिशत और पश्चिम दिल्ली में 54.90 प्रतिशत मत पडे़े।दिल्ली में आज दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक गया, लेकिन इसके बावजूद लोगों ने उत्साह दिखाया। दिल्ली की सभी सीटों पर मतदान सुबह सात बजे से आरंभ हुआ। कई मतदान केंद्र पर मतदान शुरू हाेने से पहले लोगों ने लाइन लगा ली और वोट डाला। इनमें कई ऐसे लोग गर्मी बढ़ने से पहले मतदान करना चाहते थे और कुछ ऐसे थे, जिन्हें किसी काम पर जाना था, या कोई अन्य काम निपटाना था।

हालांकि दिल्ली में मतदान के लिये सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की गयी। सभी 700 प्रमुख बाजार और औद्योगिक क्षेत्र तथा संस्थान बंद रहे।मतदान केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध था, जिसके कारण कुछ लोग पुलिसकर्मियों से बहस करते भी दिखाई दिये तो कुछ मिन्नतें करते रहे कि उनका फोन कुछ देर के लिये रख लिया जाये। वरिष्ठ नागरिकों को घर पर मतदान कराने या वाहन उपलब्ध कराने को लेकर लाेगों में असमंजस बना रहा।

सामान्य तौर 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को वरिष्ठ की श्रेणी में रखा जाता है, लेकिन यह व्यवस्था केवल 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं के लिये थी। इसे लेकर भी लोग झुंझलाहट में दिखायी दिये।नयी दिल्ली लोक सभा सीट पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और कई केंद्रीय मंत्रियों समेत अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने मतदान किया। इसी क्षेत्र में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी वोट डाले। नार्थ एवेन्यू के मतदान केंद्र को फूलों, गुब्बारों और कनातों से सजाया गया तथा सेल्फी पाइंट बनाया गया। यहां कई नामचीन हस्तियों ने अपनी फोटो खींची।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी अपने परिवार के साथ सिविल लाइन्स क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर वोट डाला।सभी सातों सीटों पर महिलाओं में मतदान के प्रति खासा उत्साह देखा गया। दिल्ली की लाइफलाइन मानी जाने वाली दिल्ली मेट्रो की सेवायें तड़के चार बजे शुरू हो गयीं। दिल्ली परिवहन निगम की बस सेवा भी पूरी ताकत से सड़कों पर उतरी।उत्तर-पश्चिम संसदीय सीट में नांगलोई क्षेत्र में पहली बार मतदान कर रही समीक्षा मिश्रा ने कहा कि सुबह कार्यालय पहुंचने के लिये जल्दी मतदान करने जाना पड़ा, लेकिन वहां पहले से ही भीड़ थी। दक्षिण दिल्ली सीट 50 वर्षीय फरजाना ने कहा, “ गर्मी है तो क्या हुआ। पांच साल में एक बार ही तो मतदान करना है। बच्चों के भविष्य के लिये यह आवश्यक है।” भजनपुरा में मतदान के लिए लंबी लाइन में लगे ओमवीर पाल ने कहा कि देश के लोकतंत्रमें अपनी अहमियत दिखाने का मौका है।

काम तो हमेशा करते ही हैं। बेगमपुर में वोट डालने के बाद दुकानदार रमेश अग्रवाल ने कहा कि वह हमेशा वोट डालते हैं। उन्होंने कहा कि वोट डालना देश हित में हैं। राजस्थान के कोटा में नौकरी कर रहे सौरभ कुमार दिल्ली की छज्जूराम कॉलोनी में अपना वोट डालने आये हैं। उनका कहना है कि मतदान बहुत महत्वपूर्ण है और इसमें भाग लेने का अधिकार संविधान से मिला है। किसी भी व्यक्ति को इस अधिकार का प्रयोग करने से चूकना नहीं चाहिये।वरिष्ठ पत्रकार राज चावला ने आज एक नजीर पेश की जब उन्होंने पिताजी के देहांत बाद पहले वोट डाला, फिर उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया।सीमापुरी में लोगों की मतदान में मदद कर आबिद हुसैन ने कहा कि वह हमेशा मतदान करने में लोगों की मदद करते हैं।

इससे लोगों में सरकार बनाने में अपना सहयोग करने का अहसास होता है। कई स्थानों पर लोग मतदाता सूची में अपना नाम तलाशते रहे, लेकिन वह नहीं मिला। इनमें ऐसे लोग अधिक रहे, जो क्षेत्र में नहीं रहते या नये आये हैं।सोशल मीडिया पर सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता अपने-अपने पक्ष में मतदान की अपील करते रहे और मतदान के बाद अपने फोटो डालते रहे।सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से यह चुनाव दिल्ली के लिए खास रहा। पिछले कई दिनों से स्कूलों, अस्पतालों और अन्य संस्थानों में बम होने की मिल रही धमकियों के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने विशेष चौकसी बरती और मतदान केंद्रों से निश्चित दूरी तक भीड़ नहीं होने दी। इसके अलावा, संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी की गयी तथा चौराहों और सड़कों पर पुलिस के वाहन तैनात रहे। चुनाव आयोग भी लोगों से एसएमएस और सोशल मीडिया के माध्यमसे वाेट डालने की अपील करता रहा।

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