कोविन पोर्टल का डाटा लीक !

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वेब पोर्टल में फोन नंबर- आधार जैसी जानकारी शामिल, सरकार ने डाटा लीक से किया इन्कार



नई दिल्ली। देश में डाटा लीक को लेकर बड़ा दावा किया जा रहा है। दावा है कि टेलीग्राम बाॅट ने कोविड प्लेटफार्म (co-win) का उपयोग करके वैक्सीन लेने वाले सभी लोगों के फोन नंबर, आधार नंबर, जन्म तिथि और अन्य प्रमुख जानकारी लीक कर दिए हैं। यह जानकारी टेलीग्राम प्लेटफार्म पर उपलब्ध् है। इसका मतलब यह है कि पिछले तीन वर्षों में भारत में कोविड वैक्सीन लेने वाले हर व्यक्ति को अपनी पर्सनल जानकारी के सार्वजनिक होने का खतरा है।

डाटा लीक को लेकर सरकार की ओर से भी आधिकारिक बयान आ गया है। सरकार का कहना है कि कोविन पोर्टल पूरी तरह सुरक्षित है। डाटा लीक को लेकर सरकार की ओर से भी आधिकारिक बयान आ गया है। सरकार का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्रालय का कोविन पोर्टल डाटा प्राइवेसी के लिए सुरक्षा उपायों के साथ पूरी तरह सुरक्षित है। डाटा लीक की रिपोर्ट बिना किसी आधर और शरारतपूर्ण प्रकृति की हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सीईआरटी-इन से इस मुद्दे को देखने और एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है। कोविड प्लेटफार्म पर डाटा के कथित उल्लंघन की खबरों के बीच, केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसा नहीं लगता कि कोविन एप या डाटाबेस का सीधे उल्लंघन किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और मामले की समीक्षा की। आईटी राज्य मंत्री ने आगे कहा कि नेशनल डाटा गवर्नेंस पालिसी को अंतिम रूप दे दिया गया है, जो देश में डाटा स्टोरेज, एक्सेस और सुरक्षा मानकों का एक सामान्य ढांचा तैयार करेगी। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि एक टेलीग्राम बाॅट फोन नंबरों की एंट्री पर कोविन एप की डिटेल्स दिखा रहा था। मंत्री ने मामले को साफ करते हुए कहा कि डाटा को खतरे वाले एक्टर डाटाबेस से बाॅट द्वारा एक्सेस किया जा रहा था, जो पहले से चोरी किए गए डाटा से भरा हुआ लगता है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, ऐसा नहीं लगता है कि कोविन एप या डाटाबेस का सीधे उल्लंघन किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि लीक हुए डाटा में भारतीय नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी जैसे आधार कार्ड औ पैन कार्ड की डिटेल्स और पफोन नंबर, जन्म तिथि जैसी जानकारियां शामिल हैं।

दावे के अनुसार, यह जानकारियां मैसेजिंग प्लेटफार्म टेलीग्राम पर उपलब्ध हो गईं। टेलीग्राम बाट, जो संभवतः कुछ दिनों से सक्रिय था और भारत में टीके लेने वाले सभी लोगों की डिटेल्स शेयर कर रहा था को सोमवार सुबह निलंबित कर दिया गया। हालांकि, निलंबित किए जाने से पहले, बाट ने भारत में कोविड वैक्सीन लेने वाले लोगों का जानकारी शेयर की, जब भी उन्हें फोन नंबर के लिए कहा गया। प्राम्प्ट के जवाब में, बाॅट ने निम्न जानकारी जैसे नाम, फोन नंबर, आधार नंबर या पासपोर्ट नंबर (अगर पासपोर्ट का इस्तेमाल किया गया था), वोटर आईडी (अगर उपलब्ध् है), वैक्सीनेशन का स्थान, जन्म तिथि, (कुछ मामलों में) घर का पता आदि शेयर की। दिलचस्प बात यह है कि बाॅट ने उन सभी लोगों की डिटेल्स पुल किया जिन्होंने वैक्सीन लेने के लिए एक खास नंबर का इस्तेमाल किया था। उदाहरण के लिए, यदि किसी फोन नंबर का इस्तेमाल पूरे परिवार को वैक्सीनेशन रजिस्ट्रेशन के लिए किया गया था, तो डाटा लीक में परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी उपलब्ध है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय संदिग्ध कोविद डाटा लीक पर एक विस्तृत रिपोर्ट पर काम कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सूचना की अभी जांच की जा रही है। बता दें कि कोविद व्यक्ति की जन्मतिथि या एड्रेस जैसी जानकारी नहीं रखता है। हालांकि, टेलीग्राम पर बाट को सस्पेंड करने से पहले कई राजनेताओं और पत्रकारों सहित कई ट्विटर यूजर्स लोगों की पर्सनल जानकारी प्राप्त करने में कामयाब रहे। इन यूजर्स द्वारा पोस्ट किए गए स्क्रीनशाट इस बात की ओर इशारा करते हैं कि डाटा लीक हुआ है। हालांकि, सरकार ने डाटा लीक से इन्कार किया है।


तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रवक्ता साकेत गोखले ने दावा किया है कि केंद्र सरकार के वेब पोर्टल कोविन का डेटा लीक हुआ है। इनमें आम लोगों के अलावा बड़े नेताओं, अपफसरों और पत्रकारों के भी नाम शामिल हैं। गोखले ने दावा साबित करने लिए अपने ट्विटर हैंडल पर कई स्क्रीनशाट भी शेयर किए हैं। इनमें लोगों के नाम-पता, मोबाइल, आधार, वोटर आईडी समेत उनके परिवार की जानकारियां शामिल हैं। हालांकि गोखले के दावे पर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का कहना है कि यह पुराना डेटा है। फिर भी हमने इसे संज्ञान में लिया है। फिलहाल हम इसकी जांच करवा रहे हैं कि यह डेटा कोविन पोर्टल का है या किसी और सोर्स के जरिये आ रहा है। हमने इस बारे में पोर्टल के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। ट्विटर थ्रेड में गोखले ने यह भी दावा किया कि कोविन पोर्टल के जरिये जिन लोगों का डेटा लीक हुआ है, उनमें राज्यसभा सांसद और टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम, कांग्रेस नेता जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल का भी नाम शामिल है। वहीं गोखले ने जो दूसरा स्क्रीनशाट शेयर किया है उनमें हेल्थ सेक्रेटरी राजेश भूषण, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव, अभिषेक मनु सिंघवी और संजय राउत का नाम है। इसके अलावा राजदीप सरदेसाई, बरखा दत्त, राहुल शिवशंकर जैसे पत्रकारों का भी डेटा लीक किया गया है। इससे पहले 2021 और 2022 में भी कोविन पोर्टल में दर्ज लोगों का निजी डेटा लीक होने के दावे किए गए थे। उस समय भी सोशल मीडिया में वैक्सीन लगवाने वालों के आधार, वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड और मोबाइल नंबर समेत कई जानकारियों के ढेरों स्क्रीन शाट शेयर हुए थे। हालांकि भारत सरकार ने उन दावों को खारिज कर दिया था।

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